• वियतनाम सहित कई देशों की जीडीपी से बहुत अधिक राहत पैकेज है
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैपिटलाइजेशन का दोहराना यह पैकेज है

दैनिक भास्कर

13 मई, 2020, 11:21 AM IST

मुंबई। अब तक का भारत का सबसे बड़ा 20 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज कई मामलों में दिलचस्प पैकेज है। आत्मनिर्भर अभियान के तहत जारी यह पैकेज भारत की जीडीपी का 10 प्रतिशत है। इसके साथ ही यह पाकिस्तान की कुल जीडीपी के बराबर है। जबकि एशिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी की कुल व्यक्तिगत सलाहकार अधिकारियों का यह पांच गुना है। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन की तुलना में यह 17 प्रतिशत है।

बीएमई के लोन की माफी, जीएसटी की दरों में कटौती हो सकती है

बैंक के मुताबिक इस पैकेज का उपयोग एमएसएमई के लोन की माफी, खर्च में वृद्धि करने, जीएसटी की दरों में कटौती और एमएसएमई के लिए क्रेडिट विश्वास जैसे उपायों पर किया जाएगा। पाकिस्तान की कुल जीडीपी इस समय 284 अरब डॉलर की है। जबकि भारत का राहत पैकेज डॉलर में देखा जाए तो यह वियतनाम, पोर्तुगाल, ग्रीस, न्यूजीलैंड और रोमानिया जैसे देशों की जीडीपी ज्यादा है। ब्लूमबर्ग के बिलिनायर इंडेक्स को देखें तो भारत के शीर्ष 10 अमीरों की निजी संपत्तियों के मूल्य 147 अरब डॉलर है। जबकि राहत पैकेज 20 लाख करोड़ रुपए का है, जो उन कंपार्टमेंट अधिकारियों से 1.8 गुना ज्यादा है। यानी यह मुकेश अंबानी की निजी संपत्तियों के अधिकारियों से पांच गुना ज्यादा है।

जेपी मोर्गन और मास्टरकार्ड के मार्केट कैपिटलाइजेशन के बराबर

मंगलवार को जारी पैकेज जेपी मोर्गन और मास्टरकार्ड के मार्केट कैपिटलाइजेशन के बराबर है। यह वैश्विक कंपनियों के हैं। इसके अलावा इंटेल, कोककोला और फ़जर जैसी कंपनियों के बाज़ार कैपिटलाइजेशन से काफी अधिक राहत पैकेज है। बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन मंगलवार को 121 लाख करोड़ रुपए पर था। इस तरह से देखा जाए तो यह 20 लाख करोड़ रुपये उसका 17 प्रतिशत बैठता है।

सरकार के वीेश्वर लक्ष्य के 10 गुना के करीब

यह राहत पैकेज जनवरी से मार्च के दौरान शेयरों की गिरावट के रूप में मार्केट कैपिटलाइजेशन कम हुआ, इसका एक तिहाई है। इस दौरान शेयरों की कीमतों में गिरावट से 58 लाख करोड़ रुपये मार्केट कैपिटलाइजेशन कम हुआ था। यह गिरावट 7 जनवरी से 23 मार्च के बीच हुई थी। भारत ने वित्तीय वर्ष 2021 में कुल 2.1 लाख करोड़ रुपये के ऋवेश का कार्यक्रम तय किया है। वित्तीय वर्ष 2020 में सरकार ने 65,000 करोड़ रुपये अनवेश का सुधारित लक्ष्य रखा था। इस तरह से 2.1 लाख करोड़ रुपए की तुलना में यह राहत पैकेज 10 गुना के करीब है।

इसी तरह यह पैकेज मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज से दोगुना है। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटलाइजेशन 10 लाख करोड़ रुपए के करीब है।





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