वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यॉर्क
अद्यतित Tue, 12 मई 2020 09:36 AM IST

अमेरिकियों के सामने खड़ा हुआ भोजन व्यवस्था (फाइल फोटो)
– फोटो: पीटीआई

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अमेरिका कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है। यहां अब तक 13 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। जबकि 80 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। यहां दो महीने में 1.7 करोड़ लोगों के सामने खाने का संकट पैदा हो गया है। दो महीने में यह संख्या 46 प्रतिशत बढ़ी है।

अमेरिका में कोरोना और अन्य रोशनी से भूखे रहने वाले लोगों की संख्या साढ़े पांच करोड़ हो गई है। ऐसे में खाद्य सिक्योरिटी और भुखमरी पर काम करने वाला राष्ट्रीय संगठन ‘ट्वीट’ लोगों तक खाना पहुंच रहा है। ट्वीट अमेरिका की सीईओ कैटी फिजगेराल्ड का कहना है कि कोविड -19 के बढ़ते मामलों को देखकर लगता है कि हालात हमारे नियंत्रण से बाहर जा चुके हैं। इस तरह की परिस्थिति में कोई भी खाद्य सुरक्षा के संकट में पड़ सकता है। स्थिति और भवह हो सकती है।

अमेरिका में ऐसे लोगों की तादाद बढ़ रही है जिनके सामने खाने-पीने का संकट पैदा हो गया है। कोरोना से पहले देश में 3.7 करोड़ लोग इस संकट से जूझ रहे थे। अब कोरोना और बेरोजगारी के कारण केवल कुछ महीनों में शामिल हैं और 1.7 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। यानी लगभग साढ़े पांच करोड़ लोग इस संकट से गुजर रहे हैं।

कैटी ने कहा कि अभी तक बड़ी चुनौती यह है कि हमारे पास उतना भोजन नहीं है क्योंकि हमारे खाद्य बैंक को मांग पूरी करने के लिए। वर्तमान में 30 प्रतिशत लोगों को मदद करनी चाहिए। इनमें से ज्यादातर ऐसे हैं जो जीवन में कभी किसी से खाने-पीने की मदद नहीं पूछते थे।

फीड की सीईओ के अनुसार इस समय खाद्य पदार्थों को सेवना चाहिए। 60 हजार एजेंसियों के जरिए अमेरिकियों तक खाना पहुंच गया है। इसमें कुछ लाख स्वयंसेवक उसकी मदद कर रहे हैं। न्यूनीकरण प्रणाली, वेबिनॉयर और तकनीक के माध्यम से लोगों की रियल टाइम मदद की जा रही है। जरूरतमंद की लोकेशन शेयर की जाती है और टीम उसके पास पहुंचकर मदद करती है।

अमेरिका कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है। यहां अब तक 13 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। जबकि 80 हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। यहां दो महीने में 1.7 करोड़ लोगों के सामने खाने का संकट पैदा हो गया है। दो महीने में यह संख्या 46 प्रतिशत बढ़ी है।

अमेरिका में कोरोना और अन्य रोशनी से भूखे रहने वाले लोगों की संख्या साढ़े पांच करोड़ हो गई है। ऐसे में खाद्य सिक्योरिटी और भुखमरी पर काम करने वाला राष्ट्रीय संगठन ‘ट्वीट’ लोगों तक खाना पहुंच रहा है। ट्वीट अमेरिका की सीईओ कैटी फिजगेराल्ड का कहना है कि कोविड -19 के बढ़ते मामलों को देखकर लगता है कि हालात हमारे नियंत्रण से बाहर जा चुके हैं। इस तरह की परिस्थिति में कोई भी खाद्य सुरक्षा के संकट में पड़ सकता है। स्थिति और भवह हो सकती है।

अमेरिका में ऐसे लोगों की तादाद बढ़ रही है जिनके सामने खाने-पीने का संकट पैदा हो गया है। कोरोना से पहले देश में 3.7 करोड़ लोग इस संकट से जूझ रहे थे। अब कोरोना और बेरोजगारी के कारण केवल कुछ महीनों में शामिल हैं और 1.7 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं। यानी लगभग साढ़े पांच करोड़ लोग इस संकट से गुजर रहे हैं।

कैटी ने कहा कि अभी तक बड़ी चुनौती यह है कि हमारे पास उतना भोजन नहीं है क्योंकि हमारे खाद्य बैंक को मांग पूरी करने के लिए। वर्तमान में 30 प्रतिशत लोगों को मदद करनी चाहिए। इनमें से ज्यादातर ऐसे हैं जो जीवन में कभी किसी से खाने-पीने की मदद नहीं पूछते थे।

फीड की सीईओ के अनुसार इस समय खाद्य पदार्थों को सेवना चाहिए। 60 हजार एजेंसियों के जरिए अमेरिकियों तक खाना पहुंच गया है। इसमें कुछ लाख स्वयंसेवक उसकी मदद कर रहे हैं। न्यूनीकरण प्रणाली, वेबिनॉयर और तकनीक के माध्यम से लोगों की रियल टाइम मदद की जा रही है। जरूरतमंद की लोकेशन शेयर की जाती है और टीम उसके पास पहुंचकर मदद करती है।





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