दैनिक भास्कर

12 मई, 2020, 06:14 बजे IST

चार्ल्सटन लंदन। अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि चीनी ने के हैकर्स के यहां सेंधरी द्वारा कोरोनोवायरस वैक्सीन से संबंधित डेटा चुराने की कोशिश कर रहे हैं। हैकर्स COVID-19 के इलाज और परीक्षण से जुड़ी सूचनाएँ और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी को भी लक्षित बना रहे हैं।

देश के बड़े अखबारों वाल स्ट्रीट जर्नल और न्यूयॉर्क टाइम्स ने सोमवार को इससे संबंधित रिपोर्ट छापी है। रिपोर्ट के मुताबिक एफबीआई और डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी चीनी गोलीबारी के बारे में चेतावनी जारी कर सकते हैं क्योंकि कई देशों की सरकारें और प्राथमिक कंपनियों COVID-19 के लिए वैक्सीन विकसित करने की दौड़ में शामिल हैं।

अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि ये हैकर्स चीनी सरकार से जुड़े हुए हैं और उनके बारे में आधिकारिक चेतावनी जल्दी ही सामने आएगी।

ट्रम्प बोले – मैं चीन से खुश नहीं हूं

एक रिपोर्टर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बारे में पूछा तो उन्होंने इस बात की पुष्टि तो नहीं की, लीह यह जरूर कहा कि, “चीन और क्या नया कर सकता है? और क्या नया? मैं दिखाता हूं? मैं चीन से खुश नहीं हूं?” ” उन्होंने कहा, “हम इस मामले को बहुत ध्यान से देख रहे हैं”।

बीजिंग ने आपत्ति जताई पर बयान दिया

उधर, बीजिंग के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि हमारा देश ऐसे सभी साइबर हमलों का दृढ़ता से विरोध करता है। झाओ ने कहा, “हम COVID-19 के इलाज और वैक्सीन अनुसंधान में दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं। बिना किसी सबूत के अफवाहों और गलत शब्दों के साथ चीन को निशाना बनाना अनैतिकता है।”

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट

इस पत्र ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आने वाले दिनों में साइबर युद्ध में शामिल अमेरिकी एजेंसियां ​​कोई बड़ा कदम नहीं उठा सकती हैं। इसमें पिटागन की साइबरैंड और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी द्वारा आधिकारिक तौर पर स्वीकृत जवाबी कार्रवाई का प्रस्ताव भी हो सकता है।

इस प्रस्ताव में ऐसे प्रस्ताव और रिपोर्ट को जोड़ा जाएगा जो ईरान, उत्तर कोरिया, रूस और चीन में सरकार द्वारा स्वीकृत हैकरों से संबंधित हैं। साथ ही, ऐसे तमाम लोगों की नकेल कसी होगी जो महामारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और वैज्ञानिकों को लक्षित बनाने के लिए झूठी ख़बरें हैं।

लॉकडाउन में जा रही साइबर वॉर

पिछले सप्ताह एक संयुक्त संदेश में ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका ने संगठित अपराधियों द्वारा कोरोनोवायरस विकलांगता में शामिल स्वास्थ्य पेशेवरों के खिलाफ साइबर हमलों में वृद्धि की चेतावनी दी थी।

ब्रिटेन के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र और यूएस साइबर स्पेस एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी ने कहा है कि वे बड़े पैमाने पर “पासवर्ड छिड़काव” वाली हरकतें देख रहे हैं। ऐसा करके हैकर्स आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले पासवर्ड के जरिये खाते में सेंध लगाने की कोशिश करते हैं और मौजूदा दौर में उनका लक्षित चिकित्सा और अनुसंधान संस्थान हैं।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *