• चीन के विदेश मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर 30 पेज का एक आर्टिकल पोस्ट किया
  • 1861 में अमेरिका के राष्ट्रपति रहे अब्राहम लिंकन की लेख में सबसे पहले लिखीं

दैनिक भास्कर

11 मई, 2020, 05:43 PM IST

बीजिंग। कोरोनावायरस पर अमेरिका सहित दुनिया से लगाए जा रहे आरोपों के बीच चीन ने एक आर्टिकल के जरिए सफाई पेश की है। खास बात यह है कि इस लेख की प्रस्तावना में अमेरिका के 16 वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का फेमस कोट भी शामिल हो गए।]आर्टिकल मे लिखा है ‘‘ जैसा कि लिंकन ने कहा था- आप कुछ लोगों को हमेशा बेवकूफ बना सकते हैं। सभी लोगों को कुछ समय के लिए बेवकूफ बना सकते हैं, लेकिन आप सभी लोगों को हमेशा के लिए बेवकूफ नहीं बना सकते। ”

30 पृष्ठ और 11 हजार शब्द का कातिक
चीन का विदेश मंत्रालय पिछले कई हफ्तों से प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी राजनेताओं और विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के आरोपों को लगातार खारिज करता है। शनिवार को विदेश मंत्रालय ने वेबसाइट पर 30 पेज में 11 हजार शब्दों का आर्टिकल पोस्ट किया।

इस आर्टिकल में उन मीडिया रिपोर्ट्स का भी हवाला दिया गया है, जिसमें कहा गया है कि वुहान में पहला मामला आने से पहले ही अमेरिकी लोगरस की चपेट में आ गए थे। यह भी कहा गया कि यह वायरस मैन मेड नहीं है। वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी वायरस को एडिट नहीं कर सकता है।

आर्टिकल में एक टाइमलाइन भी दी गई है, इसमें कहा गया है कि चीन ने आंतरिक समुदाय को समय पर जानकारी दी थी। उसने सारी जानकारी पारदर्शी ही रखी थी।

जर्मनी की रिपोर्ट में चीन की गलती सामने आई
चीन पर आरोप लगे हैं कि उसके यहां वुहान की अरब से ही कोरोनावायरस सामने आया है और चीन ने सटकर दुनिया को सही समय पर कार्रवाई नहीं की। पिछले शुक्रवार को डे स्पीगल मैगजीन की एक रिपोर्ट में जर्मनी की बीएनडी स्पाई एजेंसी के हवाले से बताया गया था कि चीन ने विजेताओं को चार से छह सप्ताह तक इस सूचना को दबाए रखा जबकि इस समय का इस्तेमाल वायरस से लड़ने में किया जा सकता था।

पश्चिम के देशों की आलोचनाओं को भी नकार
यह आर्टिकल में पश्चिमी देशों की उन आलोचनाओं को भी नकारा गया है, जिसमें कहा गया है कि वायरस की सबसे पहले सूचना देने वाले डॉ ली वेनल कैंसर को जेल में डाल दिया गया है। बाद में उनकी मौत भी वायरस से हो गई। आर्टिकल में कहा गया है कि डॉ.ली ने सबसे पहले जानकारी नहीं दी थी और उन्हें कभी गिरफ्तार भी नहीं किया गया था। आर्टिकल के मुताबिक, डॉ। ली को अफवाह फैलाने के कारण पुलिस ने फटकार लगाई थी। उनकी मौत के बाद चीन ने उन्हें शहीदों में शामिल किया है।

वुहान वायरस या चीनी वायरस पर विरोध किया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने हाल ही में सुझाव दिया था कि कोरोनावायरस को चीनी वायरस या वुहान वायरस चाहिए। आर्टिकल में इसका विरोध किया गया है। विश्व स्वास्थ्य ऑर्गनाइजेशन के हवाले से बताया गया है कि किसी भी वायरस का नाम देश के नाम पर नहीं रखा जा सकता है।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *