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अफगानिस्तान में मंगलवार को राजधानी स्थित एक संदर्भ अस्पताल में तीन अज्ञात चेलधारियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाईं और ग्रेनेड फेंके, जिसमें नवजात समेत पांच लोगों की मौत हो गई और 15 घायल हो गए। वहीं नांगरहार प्रांत में अंतिम संस्कार के दौरान हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 21 लोग मारे गए और 30 घायल हो गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, काबुल के शिया बहुल दश्त-ए-बारची इलाके में मारे गए लोगों में दो नवजात के अलावा दो महिलाओं और एक सुरक्षाकर्मी शामिल है। तीनोंदिनों को मार गिराया गया है। वहीं मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

अस्पताल के एक हिस्से में इंटरनेशल मेडिकल चैरिटी और मेडिसिन सेन्स न्यूमेर का भी ऑफिस है, जिसमें बड़ी संख्या में विदेशी कर्मी काम करते हैं। माना जा रहा है कि किंडर के निशाने पर यह लोग थे।

दूसरी तरफ, नांगरहार प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता अताउल्लाह खोगयानी ने कहा कि आत्मघाती साथी ने एक स्थानीय पुलिसंदर के अंतिम संस्कार के दौरान खुद को उड़ा दिया। दोनों हमलों की जिम्मेदारी वर्तमान में किसी आतंकी समूह ने नहीं ली है, लेकिन इसके पीछे तालिबान का हाथ बताया जा रहा है।

भारत ने की प्रवेश ’की निंदा की
भारत 11 और 12 मई को अफगानिस्तान में हुए आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत की महिलाओं, बच्चों और निर्दोष नागरिकों के खिलाफ किए गए इस बर्बर आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता है।

बता दें कि बीते सोमवार को ही अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के उत्तरी इलाके में चार बम विस्फोट में एक बच्ची समेत चार लोग घायल हो गए थे। स्थानीय अधिकारियों ने बताया था कि एक बम कूड़ेदान के नीचे और तीन अन्य सड़क किनारे रखे गए थे। काबुल पुलिस के प्रवक्ता फदौस फ्रामर्ज ने बताया था कि सड़क किनारे 10-20 मीटर की दूरी पर बमों को रखा गया था।

उन्होंने कहा कि विस्फोट में 12 साल की बच्ची घायल हुई है और पुलिस घटना स्थल की जांच कर रही है। अभी तक किसी ने बम विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है और विस्फोट के निशाने पर कौन था यह पता नहीं चल पाया है। काबुल और उसके आसपास तालिबान और इस्लामिक स्टेट दोनों गुट सक्रिय हैं जो लगातार नागरिकों और फौजियों को अपना निशाना बना रहे हैं।)

बता दें कि इससे पहले 29 अप्रैल को अफगानिस्तान की राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित अफगान विशेष बलों के निशाने को एक फिदायीन साझेदार ने बनाया था। इसमें तीन आम नागरिकों की मौत हो गई थी और 15 अन्य जख्मी हुए थे। सरकार ने हमले के लिए तालिबान को जिम्मेदार ठहराया था।

एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि विस्फोट सैन्यांडो के दबाव के बाहर हुआ था। उस वक्त वहां अनुबंध के आधार पर काम करने वाले असैन्य कर्मी अंदर आने का इंतजार कर रहे थे। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता बधाईक आरियन ने बताया था कि जहां विस्फोट हुआ था, वह स्थान चहर असहाय जिले में आता है। उन्होंने हमले के लिए तालिबान को जिम्मेदार ठहराया और इसे मानवता के खिलाफ जुर्म के बारे में बताया।

सार

अफगानिस्तान में मंगलवार को हुई आतंकवादी हमलों में लगभग 45 लोग घायल हो गए। अस्पताल पर तीन तोपधारियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जबकि नांगरहार में आत्मघाती साथी ने खुद को बम से उड़ा लिया।

विस्तार

अफगानिस्तान में मंगलवार को राजधानी स्थित एक संदर्भ अस्पताल में तीन अज्ञात चेलधारियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाईं और ग्रेनेड फेंके, जिसमें नवजात समेत पांच लोगों की मौत हो गई और 15 घायल हो गए। वहीं नांगरहार प्रांत में अंतिम संस्कार के दौरान हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 21 लोग मारे गए और 30 घायल हो गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, काबुल के शिया बहुल दश्त-ए-बारची इलाके में मारे गए लोगों में दो नवजात के अलावा दो महिलाओं और एक सुरक्षाकर्मी शामिल है। तीनोंदिनों को मार गिराया गया है। वहीं मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

अस्पताल के एक हिस्से में इंटरनेशल मेडिकल चैरिटी और मेडिसिन सेन्स न्यूमेर का भी ऑफिस है, जिसमें बड़ी संख्या में विदेशी कर्मी काम करते हैं। माना जा रहा है कि किंडर के निशाने पर यह लोग थे।

दूसरी तरफ, नांगरहार प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता अताउल्लाह खोगयानी ने कहा कि आत्मघाती साथी ने एक स्थानीय पुलिसंदर के अंतिम संस्कार के दौरान खुद को उड़ा दिया। दोनों हमलों की जिम्मेदारी वर्तमान में किसी आतंकी समूह ने नहीं ली है, लेकिन इसके पीछे तालिबान का हाथ बताया जा रहा है।

भारत ने की प्रवेश ’की निंदा की
भारत 11 और 12 मई को अफगानिस्तान में हुए आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत की महिलाओं, बच्चों और निर्दोष नागरिकों के खिलाफ किए गए इस बर्बर आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता है।


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