न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Updated Sat, 12 Dec 2020 12:55 PM IST

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देश के बाकी हिस्सों में महामारी के बीच जिंदगी को सामान्य करने का प्रयास जारी है, ऐसे में महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में लोकल ट्रेनों के जल्द खुलने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि तत्काल ऐसा करने की कोई योजना नहीं है। 

मुंबई नगरपालिका आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने पहले कहा था कि मुंबई में आम जनता को लोकल ट्रेनों से यात्रा करने की अनुमति देने के बारे में क्रिसमस और नए साल के जश्न के बाद स्थिति की निगरानी को देखते हुए दी जाएगी। उन्होंने कहा, क्रिसमस और नए साल के दौरान स्थिति के आधार पर हम लोकल ट्रेनों को फिर से शुरू करने के बारे में निर्णय ले सकते हैं। 

नगरपालिका आयुक्त ने यह भी चेतावनी दी कि अगर लोग कोरोना वायरस प्रतिबंधों का पालन नहीं करते हैं, तो सरकार शहर में नाइट कर्फ्यू लगाने के लिए मजबूर हो जाएगी। चहल ने कहा कि उन्होंने कुछ नाइट क्लबों के रातभर खुले रहने के मद्देनजर राज्य सरकार को लिखा था कि राजधानी में नाइट कर्फ्यू लगाया जाना चाहिए। 

चहल ने कहा, सरकार नाइट कर्फ्यू लगाने के पक्ष में नहीं है क्योंकि इससे लोगों में घबराहट पैदा होती है। इसलिए सरकार ने 25 दिसंबर तक इंतजार करने और स्थिति को देखने का फैसला किया है। 

मार्च में कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के बाद मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों को 15 जून से आवश्यक सेवाओं के लिए फिर से चालू किया गया। सामान्य तौर पर 1,200 यात्रियों के बजाय लोकल ट्रेन केवल 700 आवश्यक सेवा प्रदाताओं को ले जा रही हैं, ताकि सामाजिक दूरी के मानदंडों को बनाए रखा जा सके। 

मध्य और पश्चिम रेलवे ने एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि आवश्यक सेवा प्रदाता माने जाने वाले कर्मियों को उनके पहचान पत्र होने पर लोकल ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी। बाद में, बीएमसी ने ट्रेनों में कम भीड़ को सुनिश्चित करने के प्रयास में क्यूआर कोड के साथ एक इलेक्ट्रॉनिक पास जारी किया। 

बता दें कि मुंबई में शुक्रवार को कोरोना के 654 नए मामले और 11 मौतें दर्ज की गईं, जिससे संक्रमित मरीजों की संख्या 2,89,343 हो गई। वहीं, मुंबई में कोरोना वायरस के कारण अब तक 10,959 मरीजों ने जान गंवाई है।  

देश के बाकी हिस्सों में महामारी के बीच जिंदगी को सामान्य करने का प्रयास जारी है, ऐसे में महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में लोकल ट्रेनों के जल्द खुलने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि तत्काल ऐसा करने की कोई योजना नहीं है। 

मुंबई नगरपालिका आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने पहले कहा था कि मुंबई में आम जनता को लोकल ट्रेनों से यात्रा करने की अनुमति देने के बारे में क्रिसमस और नए साल के जश्न के बाद स्थिति की निगरानी को देखते हुए दी जाएगी। उन्होंने कहा, क्रिसमस और नए साल के दौरान स्थिति के आधार पर हम लोकल ट्रेनों को फिर से शुरू करने के बारे में निर्णय ले सकते हैं। 

नगरपालिका आयुक्त ने यह भी चेतावनी दी कि अगर लोग कोरोना वायरस प्रतिबंधों का पालन नहीं करते हैं, तो सरकार शहर में नाइट कर्फ्यू लगाने के लिए मजबूर हो जाएगी। चहल ने कहा कि उन्होंने कुछ नाइट क्लबों के रातभर खुले रहने के मद्देनजर राज्य सरकार को लिखा था कि राजधानी में नाइट कर्फ्यू लगाया जाना चाहिए। 

चहल ने कहा, सरकार नाइट कर्फ्यू लगाने के पक्ष में नहीं है क्योंकि इससे लोगों में घबराहट पैदा होती है। इसलिए सरकार ने 25 दिसंबर तक इंतजार करने और स्थिति को देखने का फैसला किया है। 

मार्च में कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के बाद मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों को 15 जून से आवश्यक सेवाओं के लिए फिर से चालू किया गया। सामान्य तौर पर 1,200 यात्रियों के बजाय लोकल ट्रेन केवल 700 आवश्यक सेवा प्रदाताओं को ले जा रही हैं, ताकि सामाजिक दूरी के मानदंडों को बनाए रखा जा सके। 

मध्य और पश्चिम रेलवे ने एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि आवश्यक सेवा प्रदाता माने जाने वाले कर्मियों को उनके पहचान पत्र होने पर लोकल ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी। बाद में, बीएमसी ने ट्रेनों में कम भीड़ को सुनिश्चित करने के प्रयास में क्यूआर कोड के साथ एक इलेक्ट्रॉनिक पास जारी किया। 

बता दें कि मुंबई में शुक्रवार को कोरोना के 654 नए मामले और 11 मौतें दर्ज की गईं, जिससे संक्रमित मरीजों की संख्या 2,89,343 हो गई। वहीं, मुंबई में कोरोना वायरस के कारण अब तक 10,959 मरीजों ने जान गंवाई है।  

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