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बेलग्रेड28 मिनट पहले

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कोरोना के बीच सर्बिया के बेलग्रेड में आज से इंडिविजुअल रेसलिंग वर्ल्ड कप शुरु हो रहा है। इसमें भारत के 25 (8 महिला और 17 पुरुष) पहलवान फ्री स्टाइल और ग्रीको रोमन इवेंट में उतरेंगे। रियो ओलिंपिक में कोटा हासिल करने वाले नरसिंह यादव (74 किग्रा वेटिंग) 4 साल के प्रतिबंध के बाद पहली बार रिंग में उतरेंगे।

रियो खेलों से ठीक पहले नरसिंह डोप टेस्ट में फेल हो गए थे। प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाने के कारण उन पर 4 साल का बैन लगा था। तब उस वेटिंग में नरसिंह का नाम भेज देने के कारण सुशील कुमार सहित कोई भी भारतीय ओलिंपिक में नहीं जा सके थे।

विश्व कप कोरोना के कारण इंडिविजुअल फॉर्मेट में हो रहा है
रेसलिंग वर्ल्ड कप कोरोना के कारण इंडिविजुअल फॉर्मेट में हो रहा है। यानि खिलाड़ियों को टूर्नामेंट में आने के लिए या नाम वापस लेने की पूरी आजादी है। यही कारण है कि भारत के बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने टूर्स से नाम वापस ले लिया है। यह चार्ट ओलिंपिक क्वालिफायर नहीं है।

भारत की ग्रीको रोमन और वुमन्स टीम पहुंच गई है
टूर्नामेंट में सबसे पहले ग्रीको रोमन के इवेंट्स होंगे। उसके बाद 14-15 दिसंबर को वुमन्स और 17-18 दिसंबर को मेन्स के फ्री स्टाइल के इवेंट होंगे। भारत की ग्रीको रोमन और वुमन्स टीम सर्बिया पहुंच चुके हैं। फ्री स्टाइल की टीम 13 दिसंबर को सर्बिया के लिए रवाना होगी।

नरसिंह के फंसने को लेकर सुशील पर भी सवाल उठे थे
रियो ओलिंपिक के लिए 74 किग्रा वेट मार्केटिंग में नरसिंह ने भारत को एक कोटा दिलाया था। इस रिपोर्ट में भारत की तरफ से खिलाड़ी को प्रेष के लिए दो बार के ओलिंपिक मेडलिस्ट सुशील कुमार ने ट्रायल की मांग की। वे चाहते थे कि भारतीय कुश्ती फेडरेशन उन्हें ओलिंपिक के लिए भेजे। खेलों से ठीक पहले नरसिंह डोप टेस्ट में फंस गए। उनके खाने में प्रतिबंधित पदार्थ पाया गया था। नरसिंह के फंसने को लेकर सुशील पर भी सवाल उठने लगे थे।

वहीं, फेडरेशन कोटा हासिल करने वाले नरसिंह को ही रियो ओलिंपिक के लिए भेजना चाहता था। उनके डोपिंग में फंसने के बाद इस वेटिंग में कोई दूसरा पहलवान नहीं रहा। क्योंकि भारतीय सत्ता पहले ही नरसिंह का नाम भेज चुकी थी, जो वापस नहीं लिया जा सकता था।

भारत ने रैसलिंग में अब तक 5 ओलिंपिक मेडल जीते

ओलिंपिक

पहलवान का नाम

वेट करें

मेडल

1952 (हेलसिंकी)

केडी जाधव

57 किग्रा फ्री स्टाइल

ब्रॉन्ज

2009 (बीजिंग)

सुशील कुमार

74 किग्रा फ्री स्टाइल

ब्रॉन्ज

2012 (लंदन)

सुशील कुमार

74 किग्रा फ्री स्टाइल

सिल्वर

2012 (लंदन)

योगेश्वर दत्त

60 किग्रा फ्री स्टाइल

ब्रॉन्ज

2016 (एआईओ)

साक्षी मलिक

58 किग्रा

ब्रॉन्ज

सुशील और जितेंद्र के मनाने पर नरसिंह को मौका मिला
नरसिंह 4 साल से किसी भी टूर्नामेंट में नहीं खेले हैं। इस प्रकार के सुशील और जितेंद्र कुमार के मना करने के बाद ही नरसिंह को भेजा जा रहा है। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमर ने भास्कर से कहा- सुशील और जितेंद्र ने मनाया कर दिया था, इसलिए नरसिंह को भेजा जा रहा है। नरसिंह नेशनल कैंप में शामिल थे। वे कैंप में बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे। कोरोना के कारण ट्रायल नहीं कर पाए। ऐसे में एशियन रैंकिंग के लिए हुए ट्रायल के आधार पर वर्ल्ड कप के लिए प्लेयर्स को सेलेक्ट किया गया।

कोटा हासिल करने का पहलवानों के पास दो मौका है
भारतीय पहलवानों के पास टोक्यो ओलिंपिक के लिए कोटा हासिल करने के दो मौके हैं। पहले टूर्नामेंट मार्च में एशियन क्वालिफिकेशन और दूसरा 29 अप्रैल से दो मई तक वर्ल्ड क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट होना है। ओलिंपिक में ग्रीको रोमन, मेन्स की फ्री स्टाइल और महिलाओं की 6-6 वेट ट्रेनिंग शामिल है। अभी भारत को मेन्स की 3 वेट बिल्डिंग और वुमन्स की एक वेट मार्केटिंग में कोटा मिला है।

ओलंपिक के लिए कुश्ती में भारत के पास अब तक चार उद्धरण हैं
भारत ने टोक्यो ओलिंपिक के लिए कुश्ती में अब तक 4 कोटा हासिल किया है। इसमें बजरंग पुनिया (मेन्स फ्री स्टाइल 65 किग्रा वेटिंग), विनेश फोगाट (महिला 53 किग्रा), रवि कुमार (मेन्स फ्री स्टाइल 57 किग्रा) और दीपक पुनिया (मेन्स फ्री स्टाइल 86 किग्रा) शामिल हैं।

ओलिंपिक क्वालिफिकेशन इवेंट से पहले ट्रायल होगा
विनोद तोमर ने कहा कि ओलिंपिक क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट से पहले उन सभी वेटिंग में ट्रल होंगे, जिनमें भारत ने अभी तक कोटा हासिल नहीं किया है। 74 किलो वेट में भी नरसिंह 4 साल बाद वापसी कर रहे हैं। ऐसे में वे सुशील और जितेंद्र को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। इस वेट बुकिंग में अब तक भारत को ओलिंपिक कोटा नहीं मिला है।

यात्राओं के लिए 90 लाख रुपये खर्च कर साईं
मार्च में कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन के बाद यह पहली रेसलिंग इंटरनेशनल टूर्नामेंट है, जिसमें भारतीय पहलवान हिस्सा ले रहे हैं। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) ने कहा कि इस टूर्नामेंट को लेकर लगभग 90 लाख रुपये का खर्चा होगा। इसमें प्लेयर्स के एयर टिकट, बोर्डिंग, लॉजिंग, युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) की लाइसेंस फीस, वीजा फीस, खिलाड़ियों के साथ कोच और रेफरी का खर्च शामिल है।

टूर्नामेंट में भाग लेने वाली भारतीय रेसलिंग टीम

  • मेन्स फ्री स्टाइल टीम: रवि कुमार (57 किलोग्राम), राहुल अवारे (61 किलोग्राम), नव (70 किलोग्राम), गौरव बलियन (79 किलोग्राम), दीपक पुनिया (86 किलोग्राम), सत्यवृत कादियान (97 किलोग्राम), सुमित (125 किलोग्राम), नरसिंह यादव ( 74)।
  • मेन्स ग्रीको-रोमन टीम: अर्जुन हलाकुर्की (55 किग्रा), ज्ञानेंद्र (60 किलोग्राम), सचिन राणा (63 किलोग्राम), अशु (67 किग्रा), आदित्य कुंडू (72 किलोग्राम), साजन (77 किलोग्राम), सुनील कुमार (87 किलोग्राम), हरदीप (97) ), नीयन (130 किलोग्राम)।
  • वुमन्स भारतीय रेसलिंग टीम: निर्मला देवी (50 किलोग्राम), पिंकी (55 किलोग्राम), अंशु (57 किलोग्राम), सरिता (59 किलोग्राम), सोनम (62 किलोग्राम), साक्षी मलिक (65 किलोग्राम), गुरशरण गीता कौर (72 किलोग्राम), किरण (76 किलोग्राम) )।





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