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जेम्सटन16 मिनट पहले

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चार्ल्सटनसीडी में प्रदर्शन के दौरान महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पेंट करते प्रदर्शनकारी।

  • किसानों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने की अभद्रता की

किसान बिल का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारी अब राह से भटकते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला अमेरिका की राजधानी इलेक्ट्रॉनिक्सटनटन में सामने आया है। यहां किसान बिल का विरोध कर रहे कुछ लोगों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया है।

विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों के खालिस्तानी झंडे दिखाने की बात भी सामने आई है। किसानों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने शनिवार को भारतीय दूतावास के सामने शुरू गांधी प्रतिमा पर स्प्रे से पेंट कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने गांधी के चेहरे को खालिस्तानी झंडे से ढक दिया था।

लंदन में भी सामने आ गई है घटना

दिसंबर की शुरुआत में लंदन में भी ऐसी घटना सामने आई थी। वहाँ भारतीय दूतावास के सामने प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी और किसानों के पक्ष में नारेबाजी की थी।

महात्मा गांधी की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला 3 जून को भी सामने आया था। अमेरिका के कृष्टनटन में जॉर्ज फ्लॉल्ड के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया था। इस घटना के बाद एक विशेषज्ञ को बुलायाकर गांधी प्रतिमा को दोबारा ठीक करवाया गया था।

भारतीय दूतावास ने दर्ज कराई थी शिकायत

मूर्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए स्प्रे पेंट का भी सहारा लिया गया। इस घटना के बाद भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने स्थानीय एजेंसियों को शिकायत दर्ज कराई थी।

गांधी की जो प्रतिमा में तोड़फोड़ की गई, उसे गौतम पाल ने डिजाइन किया था। इस घटना के बाद साफ सफाई कर उसे कवर कर दिया गया था। भारतीय दूतावास ने उस समय मेट्रोपोलिटन पुलिस और नेशनल पार्क पुलिस के पास केस दर्ज कराया था।

घटना की जानकारी तुरंत विदेश विभाग को दी गई, जिसके बाद राज्य के डिप्टी सेक्रेटरी ने मामले को हल करने के लिए भारतीय राजदूत को कहा था।

पूर्व पीएम वाजपेयी ने की स्थापना की थी

राज्य के डिप्टी सेक्रेटरी स्टीफन बेजगुन ने इस घटना के लिए माफी मांगी थी। एक महीने बाद बेजगुन ने अमेरिका में भारतीय दूत तरणजीत सिंह की मौजूदगी में गांधी प्रतिमा को फिर से स्थापित किया था।

मूर्ति की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान यूएस प्रेसिडेंट बिल क्लिंटन की मौजूदगी में 16 सितंबर 2000 में की थी।

पंजाब, हरियाणा और कई अन्य राज्यों के हजारों किसान पिछले 17 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।





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