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प्रदेश में धर्मार्थ कार्य विभाग का निदेशालय गठित किया जाएगा। निदेशालय का मुख्यालय बनारस में होगा और निदेशालय का उप कार्यालय गाजियाबाद में होगा। शुक्रवार को क्रेन की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठक में निदेशालय गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। निदेशालय का गठन के बाद सभी धार्मिक स्थलों के पंजीकरण और रेगुलेशन के लिए सरकार अध्यादेश लेकर आएगी।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता के अनुसार बीते साढ़े तीन साल में प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों को विशेष पहचान दिलाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार ने बहुत कार्य किए हैं। काशी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, विंध्याचल धाम सहित अन्य तीर्थ स्थानों पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रदेश में धार्मिक गतिविधियों के सहज और सुचारु संचालन के लिए विभाग में निदेशालय गठित किया जा रहा है। निदेशालय का मुख्यालय वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद की ओर से उपलब्ध कराए गए भवन में होगा, जबकि उप कार्यालय गाजियाबाद स्थित कैलास मानसरोवर भवन में होगा।

निदेशालय में एक निदेशक, दो संयुक्त निदेशक, एक लेखाधिकारी, दो कार्यपालक अधीक्षक, तीन आशुलिपिक, दो स्थापना सहायक, दो कंप्यूटर सहायक, तीन चालक और तीन अनुसेवक के पद सरजित किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि धर्मार्थ सिद्धांतों और मंदिरों की व्यवस्थाओं के लिए 1985 में धर्मार्थ कार्य विभाग का गठन किया गया था। विभागीय मंत्री के अलावा इसका सिर्फ एक खंड अपर मुख्य सचिव के नेतृत्व में शासन स्तर पर संचालित है। लगभग साढ़े तीन दशक बाद भी विभाग का निदेशालय नहीं स्थापित किया गया था। विभाग में निदेशालय की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

निर्देशक की प्राथमिकता

  • श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ACT -1983 का गठन और संचालन प्रबंधन
  • श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद का गठन और संचालन
  • श्री कैलाश मानसरोवर भवन गाजियाबाद का निर्माण एवं प्रबंधन
  • चित्रकूट परिक्रमा स्थल और भजन संध्या स्थल का निर्माण
  • अयोध्या भजन संध्या स्थल का निर्माण एवं प्रबन्धन
  • वैदिक विज्ञान केंद्र बैकुण्ठ वाराणसी
  • कैलाश मानसरोवर तीर्थ यात्रा अनुदान
  • सिन्धु दर्शन यात्रा अनुदान, राज गोपाल ट्रस्ट लखीमपुर खीरी, अयोध्या का प्रबंधन
  • बांदा के मौनी बाबा मेला का प्रबन्धन
  • बांदा के श्री गोपाल मंदिर चरखारी मंदिर का प्रबंध
  • बुलंदशहर के माँ बेला भवानी मंदिर का प्रबन्धन
  • प्रदेश के महत्वपूर्ण पौराणिक स्थलों को पवित्र तीर्थ स्थल घोषित किया जाना चाहिए
  • भिनगाराजिस मोचन हनुमान जी मंदिर वाराणसी का प्रबन्धन
  • शाकम्भरी देवी सहारनपुर का प्रबन्धन
  • झांसी, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, वाराणसी के विलीनीकृत मंदिरों को अनुदान
  • सभी धार्मिक स्थलों के पंजीकरण और मरम्मत से संबंधित अध्यादेश -2020
प्रदेश में धर्मार्थ कार्य विभाग का निदेशालय गठित किया जाएगा। निदेशालय का मुख्यालय बनारस में होगा और निदेशालय का उप कार्यालय गाजियाबाद में होगा। शुक्रवार को क्रेन की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठक में निदेशालय गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। निदेशालय का गठन के बाद सभी धार्मिक स्थलों के पंजीकरण और रेगुलेशन के लिए सरकार अध्यादेश लेकर आएगी।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता के अनुसार बीते साढ़े तीन साल में प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों को विशेष पहचान दिलाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सरकार ने बहुत कार्य किए हैं। काशी, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, विंध्याचल धाम सहित अन्य तीर्थ स्थानों पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रदेश में धार्मिक गतिविधियों के सहज और सुचारु संचालन के लिए विभाग में निदेशालय गठित किया जा रहा है। निदेशालय का मुख्यालय वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद की ओर से उपलब्ध कराए गए भवन में होगा, जबकि उप कार्यालय गाजियाबाद स्थित कैलास मानसरोवर भवन में होगा।

निदेशालय में एक निदेशक, दो संयुक्त निदेशक, एक लेखाधिकारी, दो कार्यपालक अधीक्षक, तीन आशुलिपिक, दो स्थापना सहायक, दो कंप्यूटर सहायक, तीन चालक और तीन अनुसेवक के पद सरजित किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि धर्मार्थ सिद्धांतों और मंदिरों की व्यवस्थाओं के लिए 1985 में धर्मार्थ कार्य विभाग का गठन किया गया था। विभागीय मंत्री के अलावा इसका सिर्फ एक खंड अपर मुख्य सचिव के नेतृत्व में शासन स्तर पर संचालित है। लगभग साढ़े तीन दशक बाद भी विभाग का निदेशालय नहीं स्थापित किया गया था। विभाग में निदेशालय की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

निर्देशक की प्राथमिकता

  • श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ACT -1983 का गठन और संचालन प्रबंधन
  • श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद का गठन और संचालन
  • श्री कैलाश मानसरोवर भवन गाजियाबाद का निर्माण एवं प्रबंधन
  • चित्रकूट परिक्रमा स्थल और भजन संध्या स्थल का निर्माण
  • अयोध्या भजन संध्या स्थल का निर्माण एवं प्रबन्धन
  • वैदिक विज्ञान केंद्र बैकुण्ठ वाराणसी
  • कैलाश मानसरोवर तीर्थ यात्रा अनुदान
  • सिन्धु दर्शन यात्रा अनुदान, राज गोपाल ट्रस्ट लखीमपुर खीरी, अयोध्या का प्रबंधन
  • बांदा के मौनी बाबा मेला का प्रबन्धन
  • बांदा के श्री गोपाल मंदिर चरखारी मंदिर का प्रबंध
  • बुलंदशहर के माँ बेला भवानी मंदिर का प्रबन्धन
  • प्रदेश के महत्वपूर्ण पौराणिक स्थलों को पवित्र तीर्थ स्थल घोषित किया जाना चाहिए
  • भिनगाराजिस मोचन हनुमान जी मंदिर वाराणसी का प्रबन्धन
  • शाकम्भरी देवी सहारनपुर का प्रबन्धन
  • झांसी, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, वाराणसी के विलीनीकृत मंदिरों को अनुदान
  • सभी धार्मिक स्थलों के पंजीकरण और मरम्मत से संबंधित अध्यादेश -2020





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