अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टेक्सास के एक मुकदमे को खारिज करने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक और बड़ा झटका लगा है। अदालत ने ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी और उनके समर्थकों द्वारा दायर राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को स्पष्ट करने वाली समितियों को खारिज कर दिया है। ये कहा गया था कि अदालत उन चार महत्वपूर्ण राज्यों के चुनाव नतीजे पलट दे जिसमें जय बाइडन ने जीत दर्ज की है।

ये याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में सीधे लगाई गईं जिनमें जॉर्जिया, मिशिगन, पेंसिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन से जो बाइडन को दिए जाने वाले साथ इलेक्टोरल वोटों को रोकने की मांग की गई। क्रोएशियाई के अटॉर्नी जनरल की इस याचिका पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने बिना हस्ताक्षर वाले आदेश में कहा कि कोरियाई ने उस प्रकार से न्यायिक मान्यताेय मत नहीं दिखाई, जिस प्रकार से अन्य राज्य चुनाव आयोजित करते हैं। सभी लंबित प्रस्ताव विवादित समझौते देते हुए खारिज किए जाते हैं।

यह फैसला ट्रम्प के लिए बड़ा झटका इसलिए भी है क्योंकि टेक्सास को रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ माना जाता है और इसी राज्य के नतीजों को चुनौती दी गई थी। इस फैसले का अर्थ यह भी है कि 14 दिसंबर को इलेक्टोरल कॉलेज की वोटिंग से पहले बाइडन की बढ़त बरकरार रहेगी। अब बाइडन का 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेना तय माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को खारिज कर दिया
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश सैमुएल एलीटो और न्यायाधीश क्लैरंस थॉमस के मुताबिक, उनका मानना ​​है कि अदालत को मामले की सुनवाई करनी चाहिए लेकिन उन्होंने टेक्सास के दावे पर स्थिति स्पष्ट नहीं की। अदालती आदेश के बाद प्रतिनिधित्व सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी ने कहा, कोर्ट ने लाखों मतदाताओं की इच्छा पलटने के जीओपी के गैरकानूनी और अलोकतांत्रिक वादों को खारिज करने का सही कदम उठाया है।

ट्रम्प का ट्वीट, अदालत ने हमें नीचा दिखाया
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि शीर्ष अदालत ने हमें नीचा दिखाया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पास कोई विवेक और साहस नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि टेक्सास के पास जॉर्जिया, मिशिगन, पेंसिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन के खिलाफ मामला लाने के लिए कानूनी तौर पर नहीं है।

ट्रंप की आव्रजन नीतियां खत्म होने की मांग
अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी महिला सांसद प्रमिला जयपाल सहित देश के कई प्रभावशाली सांसदों ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन से अनुरोध किया है कि वे डोनाल्ड ट्रंप की आव्रजन नीतियों को उलट दें। इन सांसदों ने एक प्रस्ताव भी पेश किया जो आव्रजन प्रणाली में सुधार की मांग करता है। सांसदों ने कहा कि ये प्रस्ताव न्यायसंगत और दोषपूर्ण हैं। प्रमिला के अलावा अन्य सांसदों में जेस चुय गरका, वेरोनिका एस्कोबार, अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज़, जूडी चू और यवेटे क्लार्क शामिल रहे।

चीन की स्पायचक कैथरीन ताई व्यापार दूत होगी
बाइडन ने चीनी मूल की अमेरिकी वकील विषरीन ताई को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधित्व के लिए अपने उम्मीदवार के रूप में नामित किया है। बाइडन ने कहा कि उनके प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकता चीन के अनुचित व्यापार व्यवहार को ओवर में करना होगा। बता दें कि ताई इससे पहले ओबामा-बाइडन प्रशासन में चीन द्वारा अनुचित व्यापार और के खिलाफ प्रमुख दूत बने रहे हैं और चीन की आलोचक हैं।

बाइडन की अपील, कोरोना टीके पर निर्भर करें
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ने अमेरिकियों से अनुरोध किया है कि वे प्रथम श्रेणी के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किए गए को विभाजित -19 टीके पर निर्भर हैं। व्हाइट हाउस की ओर से खाद्य व औषधि (एफडीए) आयुक्त डॉ। स्टीफन हन पर दबाव की खबरों के बीच बाइडन ने कहा, मैं जनता को स्पष्ट करना चाहता हूं कि टीके में किसी तरह का राजनीतिक प्रभाव नहीं है। उन्होंने कहा, वैज्ञानिकों ने हमें यकीन दिलाया कि यहां तक ​​लाया गया है।





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