न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
Updated Sat, 12 Dec 2020 02:15 AM IST

किसानों ने टोल प्लाजा को मुफ्त कर दिया।
– फोटो: अमर उजाला

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किसान संगठनों ने 12 दिसंबर को देशभर के टोल मुक्त करने का एलान किया था। इससे पहले हरियाणा के करनाल और पानीपत में आंदोलनकारी किसानों ने शुक्रवार की देर रात ही बसताड़ा टोल प्लाजा और पानीपत टोल प्लाजा पर कब्जा कर लिया और बैरियर तोड़ दिया। साथ ही वाहनों की आवाजाही मुक्त कर दी। इस दौरान मौके से पुलिस-प्रशासन नदारद रहा।

जिले में नेशनल हाईवे -44 पर बसताड़ा और करनाल-जींद मार्ग पर प्योंत टोल प्लाजा को लेकर शुक्रवार की सुबह से ही किसान सक्रिय हो गए थे। किसानों ने मौके पर पहुंचकर शनिवार को टोल बंद रखने की कंपनी के अधिकारियों से अपील की थी। इस दौरान टोल प्रबंधन ने एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्रिसरण) के आदेश पर ही निर्णय लेने की बात कही थी। इसके बाद इसकी जानकारी एनएचएआई और स्थानीय प्रशासन को भी दी गयी थी।

इसके बाद मार्केंट कुमार कुमार यादव ने शनिवार की सुबह ही टोल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करने की बात कही थी लेकिन इससे पहले ही शुक्रवार की देर रात सैकड़ों की संख्या में पंजाब और हरियाणा के किसानों ने बसताड़ा टोल प्लाजा पर पहुंचे। यहां टोल फ्री करने के बाद जैसे ही वे आगे बढ़े एकबार फिर टोल कंपनी ने वसूली शुरू कर दी। ऐसे में पुन: किसानों ने लौटकर बैरियर तोड़ दिया। इसके बाद आगे जाकर आंदोलनकारी किसानों ने पानीपत टोल प्लाजा पर भी कब्जा कर उसे स्वतंत्र कर दिया।

दूसरी ओर अन्नदाता भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरमुख सिंह ने कहा कि 13 दिसंबर को लोनी रोड बार्डर बंद करने का फैसला लिया गया है। इसको लेकर हरियाणा व उत्तर प्रदेश के किसान संगठनों की बैठकों का दौर चल रहा है। रणनीति के तहत लोनी बार्डर रोड की ओर कूच किया जाएगा और किसानों के जत्थे वहां पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि टोल पर होने वाले प्रदर्शन के दौरान किसान दो बड़े औद्योगिक घरानों के उत्पादों का बहिष्कार भी करेंगे। 14 को जिला स्तर पर प्रदर्शन करने की भी किसानों द्वारा योजना बनाई जा रही है।

आज केएमपी टोल को बंद करेंगे गुलिया खाप
किसान नेताओं और संगठनों के आह्वान पर 12 दिसंबर को गुलिया खाप तीसा की ओर से कुंडली-पलवल-मानेसर एक्सप्रेस हाइवे पर प्रदर्शन किया जाएगा। खाप नेताओं के अनुसार इस दौरान बादली में बनाए गए केएमपी टोल को बंद कर दिया जाएगा, जबकि संगठनों की ओर से प्रस्तावित कंपनी के उत्पाद का बहिष्कार किया जाएगा। ढांसा बॉर्डर पर खाप के प्रधान विनोद गुलिया ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान विभिन्न खापों का समर्थन उनके साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर बादली के पास केएमपी के टोल प्लाजा को मुक्त किया गया।) कल से प्रस्तावित कंपनी के किसी उत्पाद की खरीदारी नहीं करेंगे।

किसान संगठनों ने 12 दिसंबर को देशभर के टोल मुक्त करने का एलान किया था। इससे पहले हरियाणा के करनाल और पानीपत में आंदोलनकारी किसानों ने शुक्रवार की देर रात ही बसताड़ा टोल प्लाजा और पानीपत टोल प्लाजा पर कब्जा कर लिया और बैरियर तोड़ दिया। साथ ही वाहनों की आवाजाही मुक्त कर दी। इस दौरान मौके से पुलिस-प्रशासन नदारद रहा।

जिले में नेशनल हाईवे -44 पर बसताड़ा और करनाल-जींद मार्ग पर प्योंत टोल प्लाजा को लेकर शुक्रवार की सुबह से ही किसान सक्रिय हो गए थे। किसानों ने मौके पर पहुंचकर शनिवार को टोल बंद रखने की कंपनी के अधिकारियों से अपील की थी। इस दौरान टोल प्रबंधन ने एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्रिसरण) के आदेश पर ही निर्णय लेने की बात कही थी। इसके बाद इसकी जानकारी एनएचएआई और स्थानीय प्रशासन को भी दी गयी थी।

इसके बाद मार्केंट कुमार कुमार यादव ने शनिवार की सुबह ही टोल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करने की बात कही थी लेकिन इससे पहले ही शुक्रवार की देर रात सैकड़ों की संख्या में पंजाब और हरियाणा के किसानों ने बसताड़ा टोल प्लाजा पर पहुंचे। यहां टोल फ्री करने के बाद जैसे ही वे आगे बढ़े एकबार फिर टोल कंपनी ने वसूली शुरू कर दी। ऐसे में पुन: किसानों ने लौटकर बैरियर तोड़ दिया। इसके बाद आगे जाकर आंदोलनकारी किसानों ने पानीपत टोल प्लाजा पर भी कब्जा कर उसे स्वतंत्र कर दिया।





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