न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 11 मई 2020 11:43 AM IST

जांच करता है स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)
– फोटो: पीटीआई

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कोरोना के बहुत हल्के लक्षण या प्री-सिम्प्टोमैटिक (पूर्व लक्षणात्मक) रोगियों के लिए होम आइसोलेशन के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब होम आइसोलेशन वाले रोगी लक्षण लक्षण दिखने के 17 दिन बाद आइसोलेशन खत्म कर देंगे। प्री-सिम्प्टोमैटिक मामलों में नमूनों के जाने के दिन से 17 दिन गिने जाएंगे। दोनों ही मामलों में शर्त होगी कि मरीज को दस दिनों से बुखार न आए हो। मंत्रालय ने अब होम एपोलेशन वाले मरीजों और उनकी देखभाल करने वालों के लिए नई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दोनों तरह के मरीजों के लिए प्रत्यारोपण लेयर वाला फेस पहनना जरूरी होगा।

ये मरीजों के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देश हैं

  • मरीजों को हर समयप्ले लेयर वाला मास्क पहनना होगा। जिसे हर आठ घंटे बाद बदलना होगा। यदि चेहरे गीले या गंदे हो जाते हैं तो उसे तुरंत बदलना होगा।
  • इस्तेमाल के बाद संकाय को डिमेरिट्ड (थके हुए) करने से पहले उसे एक प्रतिशत सोडियम हाइपो-क्लोराइट से संक्रमण रहित करना होगा।
  • मरीज को अपने ही कमरे के अंदर रहना होगा। घर के दूसरे सदस्यों विशेषकर बुजुर्गों और दिल की बीमारी वाले लोगों के संपर्क से दूर रहना होगा।
  • रोगी को पर्याप्त आराम करना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी और तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए।
  • सांस की स्थिति पर नजर रखने के लिए दिए गए निर्देशों को मानना ​​होगा।
  • साबुन-पानी या फिर अल्कोहोल वाले सैनिटाइजर से कम से कम 40 सेकंडेंड तक हाथों को साफ करते रहना होगा।
  • अपनी चीजों को किसी के साथ साझा नहीं करना होगा।
  • कमरे की जिन चीजों को बार-बार छूना पड़ता है, जैसे टेबल टेबल, दरवाजों की कुंडी, हैंडल आदि उन्हें एक प्रतिशत हाइपोक्लोरिट सल्लूशन से साफ करना होगा।
  • मरीज को डॉक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों और दवा से जुड़ी सलाह को मानना ​​होगा।
  • रोगी अपनी स्थिति की निगरानी स्वयं करेगा। रोजाना अपने शरीर के तापमान की जांच करनी होगी। स्थिति बिगड़ने पर तुरंत खुल जाएगा।

ये मरीजों की देखभाल के लिए नई दिशा-निर्देश हैं

  • मरीज के कमरे में जाते समयप्ले लेयर वाला संकाय पहनना जरूरी होगा। फेस का प्रयोग करते वक्त उसका सामने वाला हिस्सा नहीं छूना चाहिए। चेहरे के गीले या गंदे होने पर उसे तुरंत बदल दें। इस्तेमाल के बाद उसे डिवर्ल्ड करें और हाथों को अच्छी तरह से धोएं।
  • रोगी की देखभाल करने वाले को अपने चेहरे, नाक या मुंह को नहीं छूना चाहिए।
  • रोगी या उसके कमरे के संपर्क में आने के बाद हाथों को अच्छी तरह से धोएं।
  • भोजन बनाने से पहले या बाद में, खाना खाने से पहले, शौचालय जाने के बाद और जब भी हाथ गंदे लगें उन्हें 40 सेकंड तक अच्छी तरह से धोएं। यदि हाथों में धूल नहीं लगी है तो अल्कोहोल वाला सैनिटाइजर यूज कर सकते हैं।
  • साबुन-पानी से हाथ धोने के बाद उन्हें डिस्पोजेबल पेपर नैपकिन से पोंछे। पेपर नैपकिन न होने पर साफ तौलिए से हाथों को पोंछे।
  • रोगी के शरीर से निकले फ्लुइड के सीधे संपर्क में आने से बुखार। मरीज को संभालते समय हाथों में लिखी (गल्व्स) जरूर पहनें। पहनने और उतारने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साफ कर लें।
  • रोगी के बर्तन, पानी, ताली और चादर के संपर्क में आने से आग। उसके साथ सिगरेट शेयर न करें।
  • रोगी को उसके ही कमरे में खाना दें।
  • मरीज के बर्तन में हिंदेंड पहनकर साबुन या डिटर्जेंट से धोते हैं
  • मरीज के कमरे की सफाई करते समय कपड़े या चादर को धोते वक्तप्ले लेयर वाला संकाय और डिस्पोजेबल डेंडेंड पहनते हैं।
  • इस बात का ध्यान रखें कि रोगी समय-समय पर अपनी दवा जरूर ले।
  • रोगी की देखभाल करने वाला व्यक्ति या रोगी के निकटतम संपर्क वाले लोग स्वयं अपने स्वास्थ्य की निगरानी करें। रोजाना अपने शरीर के तापमान को जांचे। कोरोना से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्यकर्मी से संपर्क करें।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कोरोना के बहुत हल्के लक्षण या प्री-सिम्प्टोमैटिक (पूर्व लक्षणात्मक) रोगियों के लिए होम आइसोलेशन के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब होम आइसोलेशन वाले रोगी लक्षण लक्षण दिखने के 17 दिन बाद आइसोलेशन खत्म कर देंगे। प्री-सिम्प्टोमैटिक मामलों में नमूनों के जाने के दिन से 17 दिन गिने जाएंगे। दोनों ही मामलों में शर्त होगी कि मरीज को दस दिनों से बुखार न आए हो। मंत्रालय ने अब होम एपोलेशन वाले मरीजों और उनकी देखभाल करने वालों के लिए नई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दोनों तरह के मरीजों के लिए प्रत्यारोपण लेयर वाला फेस पहनना जरूरी होगा।

ये मरीजों के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देश हैं

  • मरीजों को हर समयप्ले लेयर वाला मास्क पहनना होगा। जिसे हर आठ घंटे बाद बदलना होगा। यदि चेहरे गीले या गंदे हो जाते हैं तो उसे तुरंत बदलना होगा।
  • इस्तेमाल के बाद संकाय को डिमेरिट्ड (थके हुए) करने से पहले उसे एक प्रतिशत सोडियम हाइपो-क्लोराइट से संक्रमण रहित करना होगा।
  • मरीज को अपने ही कमरे के अंदर रहना होगा। घर के दूसरे सदस्यों विशेषकर बुजुर्गों और दिल की बीमारी वाले लोगों के संपर्क से दूर रहना होगा।
  • रोगी को पर्याप्त आराम करना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी और तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए।
  • सांस की स्थिति पर नजर रखने के लिए दिए गए निर्देशों को मानना ​​होगा।
  • साबुन-पानी या फिर अल्कोहोल वाले सैनिटाइजर से कम से कम 40 सेकंडेंड तक हाथों को साफ करते रहना होगा।
  • अपनी चीजों को किसी के साथ साझा नहीं करना होगा।
  • कमरे की जिन चीजों को बार-बार छूना पड़ता है, जैसे टेबल टेबल, दरवाजों की कुंडी, हैंडल आदि उन्हें एक प्रतिशत हाइपोक्लोरिट सल्लूशन से साफ करना होगा।
  • मरीज को डॉक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों और दवा से जुड़ी सलाह को मानना ​​होगा।
  • रोगी अपनी स्थिति की निगरानी स्वयं करेगा। रोजाना अपने शरीर के तापमान की जांच करनी होगी। स्थिति बिगड़ने पर तुरंत खुल जाएगा।

ये मरीजों की देखभाल के लिए नई दिशा-निर्देश हैं

  • मरीज के कमरे में जाते समयप्ले लेयर वाला संकाय पहनना जरूरी होगा। फेस का प्रयोग करते वक्त उसका सामने वाला हिस्सा नहीं छूना चाहिए। चेहरे के गीले या गंदे होने पर उसे तुरंत बदल दें। इस्तेमाल के बाद उसे डिवर्ल्ड करें और हाथों को अच्छी तरह से धोएं।
  • रोगी की देखभाल करने वाले को अपने चेहरे, नाक या मुंह को नहीं छूना चाहिए।
  • रोगी या उसके कमरे के संपर्क में आने के बाद हाथों को अच्छी तरह से धोएं।
  • भोजन बनाने से पहले या बाद में, खाना खाने से पहले, शौचालय जाने के बाद और जब भी हाथ गंदे लगें उन्हें 40 सेकंड तक अच्छी तरह से धोएं। यदि हाथों में धूल नहीं लगी है तो अल्कोहोल वाला सैनिटाइजर यूज कर सकते हैं।
  • साबुन-पानी से हाथ धोने के बाद उन्हें डिस्पोजेबल पेपर नैपकिन से पोंछे। पेपर नैपकिन न होने पर साफ तौलिए से हाथों को पोंछे।
  • रोगी के शरीर से निकले फ्लुइड के सीधे संपर्क में आने से बुखार। मरीज को संभालते समय हाथों में लिखी (गल्व्स) जरूर पहनें। पहनने और उतारने से पहले हाथों को अच्छी तरह से साफ कर लें।
  • रोगी के बर्तन, पानी, ताली और चादर के संपर्क में आने से आग। उसके साथ सिगरेट शेयर न करें।
  • रोगी को उसके ही कमरे में खाना दें।
  • मरीज के बर्तन में हिंदेंड पहनकर साबुन या डिटर्जेंट से धोते हैं
  • मरीज के कमरे की सफाई करते समय कपड़े या चादर को धोते वक्तप्ले लेयर वाला संकाय और डिस्पोजेबल डेंडेंड पहनते हैं।
  • इस बात का ध्यान रखें कि रोगी समय-समय पर अपनी दवा जरूर ले।
  • रोगी की देखभाल करने वाला व्यक्ति या रोगी के निकटतम संपर्क वाले लोग स्वयं अपने स्वास्थ्य की निगरानी करें। रोजाना अपने शरीर के तापमान को जांचे। कोरोना से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्यकर्मी से संपर्क करें।





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