न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 11 मई 2020 12:13 PM IST

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जम्मू-कश्मीर में 4 जी इंटरनेट बैंकिंग का आदेश देने से सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने वर्तमान में इनकार कर दिया है। न्यायालय ने जम्मू कश्मीर में 4 जी इंटरनेट सेवा प्रदान करने के बारे में विचार के लिए गृह मंत्रालय के सचिव की घोषणा में एक समिति का गठन करने का सोमवार को आदेश दिया।

न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि इस समिति में जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव और संचार सचिव भी शामिल होंगे। यह समिति 4 जी इंटरनेट सेवा बहाल करने के याचिकाकर्ताओं के विचार पर विचार करेगी।

कोर्ट ने फाउण्डेशन फॉर मीडिया प्रफेशनल्स, शोएब कुरैशी और जम्मू कश्मीर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की परीक्षाओं पर यह फैसला सुनाया और साथ ही यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और मानव अधिकारों के बीच संतुलन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर दलीलों में दावा किया गया कि 2 जी शिक्षा और अन्य सेवाओं के संचालन के लिए पर्याप्त नहीं हैं। न्यायमूर्ति एनवी रमण ने कहा कि अदालत को यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकार स्वभाव हों। उन्होंने कहा कि हम समझते हैं कि केंद्र शासित प्रदेश में है। इस समय अदालत कोरोना महामारी और इसे उत्पन्न हुई कठिनाई से संबंधित तथ्यों का भी संज्ञान ले रहा है।


गौरतलब है कि इससे पहले मामले पर हुई सुनवाई में, जम्मू कश्मीर प्रशासन ने हलफनामा दायर करके सेवा स्वीकृति का विरोध किया था। प्रशासन ने कहा था कि जम्मू कश्मीर के भीतर सक्रिय आतंकी माड्यूल और सीमा पार बैठे अपने आका फर्जी खबरें प्रसारित करके लोगों को भड़का रहे हैं।

प्रशासन ने हलफनामे में कहा था कि आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और भड़काऊ सामग्री, विशेष रूप से फर्जी खबरों और फोटो और वीडियो क्लिप के प्रसारण से लोगों को उकसाने के लिए इंटरनेट सेवा के दुरूपयोग की आशंका: जो सुरक्षा और सामूहिक व्यवस्था के लिए है। ।

हलफनामें में यह भी कहा गया था कि कोरोनावायरस संक्रमण की पुष्टि वाले मामलों की संख्या और मृत्यु के बारे में कई अफवाहें फैला कर अराजकता और दहशत फैलाई गई है। इसी तरह जम्मू-कश्मीर में आल पार्टी हुर्रियत के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी जैसे प्रमुख लोगों के स्वास्थ्य और मकबूल भट, अफजल गुरू की बरसी के अवसर पर जेकेएलएफ द्वारा बंद और गणतंत्र दिवस को काले दिन के रूप में मनाने के बारे में भी फर्जी खबरें हैं। फैलाई गए हैं।

जम्मू-कश्मीर में 4 जी इंटरनेट बैंकिंग का आदेश देने से सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने वर्तमान में इनकार कर दिया है। न्यायालय ने जम्मू कश्मीर में 4 जी इंटरनेट सेवा प्रदान करने के बारे में विचार के लिए गृह मंत्रालय के सचिव की घोषणा में एक समिति का गठन करने का सोमवार को आदेश दिया।

न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि इस समिति में जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव और संचार सचिव भी शामिल होंगे। यह समिति 4 जी इंटरनेट सेवा बहाल करने के याचिकाकर्ताओं के विचार पर विचार करेगी।

कोर्ट ने फाउण्डेशन फॉर मीडिया प्रफेशनल्स, शोएब कुरैशी और जम्मू कश्मीर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की परीक्षाओं पर यह फैसला सुनाया और साथ ही यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और मानव अधिकारों के बीच संतुलन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर दलीलों में दावा किया गया कि 2 जी शिक्षा और अन्य सेवाओं के संचालन के लिए पर्याप्त नहीं हैं। न्यायमूर्ति एनवी रमण ने कहा कि अदालत को यह सुनिश्चित करना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकार स्वभाव हों। उन्होंने कहा कि हम समझते हैं कि केंद्र शासित प्रदेश में है। इस समय अदालत कोरोना महामारी और इसे उत्पन्न हुई कठिनाई से संबंधित तथ्यों का भी संज्ञान ले रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले मामले पर हुई सुनवाई में, जम्मू कश्मीर प्रशासन ने हलफनामा दायर करके सेवा स्वीकृति का विरोध किया था। प्रशासन ने कहा था कि जम्मू कश्मीर के भीतर सक्रिय आतंकी माड्यूल और सीमा पार बैठे अपने आका फर्जी खबरें प्रसारित करके लोगों को भड़का रहे हैं।

प्रशासन ने हलफनामे में कहा था कि आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और भड़काऊ सामग्री, विशेष रूप से फर्जी खबरों और फोटो और वीडियो क्लिप के प्रसारण से लोगों को उकसाने के लिए इंटरनेट सेवा के दुरूपयोग की आशंका: जो सुरक्षा और सामूहिक व्यवस्था के लिए है। ।

हलफनामें में यह भी कहा गया था कि कोरोनावायरस संक्रमण की पुष्टि वाले मामलों की संख्या और मृत्यु के बारे में कई अफवाहें फैला कर अराजकता और दहशत फैलाई गई है। इसी तरह जम्मू-कश्मीर में आल पार्टी हुर्रियत के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी जैसे प्रमुख लोगों के स्वास्थ्य और मकबूल भट, अफजल गुरू की बरसी के अवसर पर जेकेएलएफ द्वारा बंद और गणतंत्र दिवस को काले दिन के रूप में मनाने के बारे में भी फर्जी खबरें हैं। फैलाई गए हैं।





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