• सॉवरेन गोल्ड मीटर एक सरकारी मीटर होता है
  • इसे डीमैट रूप में संशोधित किया जा सकता है

दैनिक भास्कर

11 मई, 2020, 10:56 AM IST

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2021 में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड) की दूसरी सीरीज के निवेश के लिए आज यानि 11 मई से खुल गया है। इसके तहत 15 मई तक गोल्ड बॉन्ड में निवेश किया जा सकता है। इसके तहत प्रति ग्राम सोने की कीमत 4,590 रुपए तय की गई है। जो लोग इन के लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे और डिजिटल पेमेंट के जरिए भुगतान करेंगे, उन्हें प्रति ग्राम 50 रुपए का आरक्षण मिलेगा।

सरकार ने अगले 6 महीने में यानी 20 अप्रैल से लेकर 4 सीबंर तक 6 गुना सॉवरन बॉन्ड जारी करने का फैसला किया। अप्रैल में एक बार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी हो चुके हैं। सरकार ने 20 से 24 अप्रैल के बीच पहली सीरीज लॉन्च की थी। इसके तहत प्रति ग्राम सोने की कीमत 4,639 रुपए तय की गई थी। इन्हे बैंकों और बडे डाकघरों से खरीदा जा सकेगा। हम आपको सोवरन गोल्ड बॉन्ड जुड़ी हुई हैं।

निवेश के लिए सही विकल्प
अगर आप सोने में निवेश करना चाहते हैं तो यह फिजिकल गोल्ड खरीदने से बेहतर है। फिजिकल गोल्ड खरीदने पर आप सोने की कीमत तोतते ही हैं, आप मेकिंग चार्ज भी हैटते हैं। आप सोने की कीमत पर तीन प्रति जीएसटी और मेकिंग चार्ज पर 5 प्रति जीएसटी भी लगाए गए हैं। इससे सोने की कीमत काफी बढ़ जाती है। सॉवरेन गोल्ड मीटर में निवेश पर कोई जीएसटी नहीं लगता है। चूंकि यह एक्स है इसलिए इस पर कोई मेकिंग चार्ज भी नहीं लगता है।

ठगी की संभावना नहीं रहती है
जब आप सोने की सिल्ली या सोने का आभूषण खरीदते हैं, तो आपको उसकी शुद्धता को लेकर संदेह हो सकता है। साथ ही उसे रखना भी सुरक्षित नहीं होता है। लेकिन सॉवरेन गोल्ड टैंक में शुद्धता की चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है। नेशनल स्टॉक एक्सिस (एनएसई) के मुताबिक गोल्ड की कीमत इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीरेए) द्वारा प्रकाशित 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत से लेकर होती है। इसके साथ ही इसे डीमाट रूप में रखा जा सकता है, जो काफी सुरक्षित है और उस पर कोई खर्च भी नहीं होता है।

इश्यू क्वालिटी पर 2.50 प्रति ब्याज मिलता है
सॉवरेन गोल्ड मीटर में इश्यू क्वालिटी पर हर साल 2.50 प्रति का निश्चित ब्याज मिलता है। यह पैसा हर 6 महीने में अपने आप को खाने में पहुंच जाता है। फिजिकल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ पर आपको इस तरह का फायदा नहीं मिलेगा। एनएसई के वेबाइसाट पर दी गई जानकारी के अनुसार सोवरन गोल्ड बैंक में निवेश का एक फायदा यह भी है कि 8 साल के मैच्योरिटी पीरियड के बाद इसमें होने वाले लाभ पर कोई टैक्स नहीं लगता है। इसके साथ ही हर छह महीने पर मिलने वाले ब्याज पर कोई टीडीएस भी नहीं लगता है।

1 ग्राम से 4 किलो तक खरीदे जा सकते हैं
कोई शख्स एक वित्त वर्ष में मिनिमम 1 ग्राम और मैक्सिमम 4 किलोग्राम तक वेल्यू का बॉन्ड खरीद सकता है। हालांकि किसी ट्र्स्ट के लिए खरीद की अधिकतम सीमा 20 किलोग्राम है। कोई भी व्यक्ति एक फिस्कल ईयर में 500 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है। बॉन्ड का मेच्योरिटी पीरियड 8 साल का है। लेकिन निवेशकों को 5 साल के बाद बाहर निकलने का मौका मिलता है। यानी अगर आप निकालना चाहते हैं तो 5 साल के बाद निकाल सकते हैं। एनएसई के मुताबिक लोन लेने के दौरान कॉलैटरल के रूप में भी इन सॉवरेन गोल्ड टेबल का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा ये क्लिप एनएसई पर ट्रेड भी करते हैं।





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