• कोरोना रिले पैकेज की सेटिंग तैयार, चरणबद्ध तरीके से हो सकती है घोषणा
  • 1.7 लाख करोड़ के राहत पैकेज की पहले ही घोषणा कर चुकी है केंद्र सरकार

दैनिक भास्कर

11 मई, 2020, 09:30 पूर्वाह्न IST

नई दिल्ली। कोरोनावायरस के अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभावों को दूर करने के लिए सरकार ने दूसरे प्रोत्साहन पैकेज की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है। यह राहत पैकेज की घोषणा इसी सप्ताह हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रोत्साहन पैकेज में छोटे भंडार और प्रवासी मजदूरों को नकद सहायता की घोषणा की जा सकती है।

चरणबद्ध तरीके से प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा होगी
अधिकारियों के अनुसार, दूसरे प्रोत्साहन पैकेज की रूपरेखा पूरी तरह से तैयार है और इसकी घोषणा चरणबद्ध तरीके से हो सकती है। अधिकारियों के मुताबिक सरकार ने 17 मई को खत्म हो रहे लॉकडाउन के तीसरे चरण को देखते हुए अर्थव्यवस्था का पुनरुत्थान किया है। इस तरह के पैकेज के पहले चरण में एमएसएमई और इसी सप्ताह अपने घरों को लौटे प्रवासी कामगारों पर फोकस हो सकता है। इसके अलावा लॉकडाउन से सबसे ज्यादा आंतरिक सेवा क्षेत्र के लिए भी पैकेज की घोषणा हो सकती है।

पीएमओ और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के बीच कई बार बैठक हुई
दूसरे नीति पैकेज की रूपरेखा तय करने को लेकर पीएमओ और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के बीच कई बार बैठक हो चुकी है। पीएमओ इस प्रोत्साहन पैकेज को लेकर पूरी गोपनीयता बरत रहा है और हितधारकों से सीधा संपर्क कर रहा है। हाल ही में सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए बोरोइंग लक्ष्य को 7.8 लाख करोड़ से बढ़ाकर 12 लाख करोड़ रुपये किया है।

एमएसएमई को दी जा सकती है क्रेडिट आश्वासन
25 मार्च को लागू किए गए देशव्यापी लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर एमएमई सेक्टर पर पड़ा है। लॉकडाउन के कारण अधिकांश जीएमएमई में कामकाज पूरी तरह से ठप पड़ा है। ऐसे में एमएसएमई की मदद से सरकार क्रेडिट गारंटी योजना का ऐलान कर सकती है। इस योजना के तहत सरकार एमएसएमई को वर्किंग कैपिटल के 10 से 15 प्रति के बराबर बैंकों से अतिरिक्त लोन दिलाएगी और इसकी मंजूरी मिलेगी। यदि कोई एसएमएमई लोन भुगतान में डिफॉल्ट करता है तो सरकार इसकी भुगता करेगी।

प्रवासी कामगारों को दी जा सकती है नकद सहायता राशि
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकार दूसरे प्रोत्साहन पैकेज में प्रवासी कार्यगारों के लिए नकद सहायता राशि देने की घोषणा कर सकती है। यह सहायता राशि तीन से 6 महीने तक दी जाएगी। इसके लिए सरकार पैकेज में 15 से 20 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान कर सकती है। अगर ज्यादा प्रवासी कामगार घर लौटते हैं तो सरकार खाद्य और संयुक्तब स्की स्कीम के लिए और फंड की घोषणा कर सकती है।

1.7 लाख करोड़ रुपये का पहला पैकेज था
कोरोना के कारण लागू किए गए लॉकडाउन से लोग घरों में बंद रहने के लिए मजबूर हो गए थे। ऐसी स्थिति में गरीबों और मजदूरों की मदद के लिए सरकार ने मार्च में 1.7 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी। इस पैकेज में गरीबों के लिए प्रत्यक्ष कैश ट्रांसफर, मुफ्त भोजन सहित कई प्रकार की घोषणाएं शामिल थीं।





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