न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
अपडेटेड मोन, 11 मई 2020 12:25 PM IST

अजय कुमार भल्ला (फाइल फोटो)
– फोटो: ट्विटर

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कोरोनावायरस की वजह से देश में जारी लॉकडाउन के बीच केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को श्रमिक विशेष ट्रेनों को प्राप्त करने में सहयोग करने और फंसे हुए प्रवासी कामगारों के भाषण की सुविधा के बारे में पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि प्रवासी सड़कों और रेलवे ट्रैक के किनारे ना जाओ।

गृह मंत्रालय ने चिकित्सकों, चिकित्सकचिकित्सकों की आवाजाही पर कुछ राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों की तरफ से लगाई गई पाबंदियों पर आपत्ति जताई, कहा वे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वाकांक्षी हैं। सभी निजी क्लीनिकों को खोलने की अनुमति देने को कहा गया है। इस तरह की गतिविधियों को अंतर मंत्रालयी सुविधा प्राप्त होगी।

रेलवे ट्रैक, सड़कों पर न जाएं प्रवासी मजदूर
केंद्र ने प्रवासियों के सड़कों और रेलवे ट्रैक पर चलने को लेकर गंभीर चिंता जताई है। राज्यों से कहा गया है कि उन्हें उनके गृह राज्य वापस भेजना सुनिश्चित करने के लिए विशेष ट्रेनों को अनुमति दें। राज्यों से ज्यादा से ज्यादा श्रमिक ट्रेनों में सहयोग करने के लिए कहा है। रविवार को काउंटर सचिव राजीव गौबा की बैठक का जिक्र करते हुए भल्ला ने भी सड़कों और रेलवे स्टेशन पर पैदल चलने वाले प्रवासी श्रमिकों की स्थिति पर चिंता जाहिर की।

उन्होंने कहा, ‘चूंकि बसों और मज़दूरों के ट्रेनों द्वारा उनके बोलने को पहले से ही उनके गृह राज्य ले जाने के लिए अनुमति दी गई है, इसलिए सभी राज्य / केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रवासी श्रमिक सड़क और रेलवे विभाग पर न चल रहा है। अगर उन्हें ऐसा करना पड़ा पाया जाता है तो उन्हें समझाकर पास में स्थित आश्रय स्थल ले जाना चाहिए और तब तक उन्हें खाना, पानी आदि देना चाहिए जब तक वह ट्रेन या बस में नहीं चढ़ जाते। ‘

चिकित्सा पेशेवरों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी
गृह मंत्रालय ने चिकित्सकों, चिकित्सकचिकित्सकों की आवाजाही पर कुछ राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों की तरफ से लगाई गई पाबंदियों पर आपत्ति जताई, कहा वे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वाकांक्षी हैं। उनकी आवाजाही पर रोक लगाना को विभाजित, गैर को विभाजित सेवाओं को गंभीर रूप से बाधित करना है। मंत्रालय ने कहा कि सभी निजी क्लीनिकों, नर्सिंग होम, अस्पतालों को तमाम चिकित्सा स्टाफ के साथ खुले जाने को सुनिश्चित करना चाहिए।

कोरोनावायरस की वजह से देश में जारी लॉकडाउन के बीच केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को श्रमिक विशेष ट्रेनों को प्राप्त करने में सहयोग करने और फंसे हुए प्रवासी कामगारों के भाषण की सुविधा के बारे में पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि प्रवासी सड़कों और रेलवे ट्रैक के किनारे ना जाओ।

गृह मंत्रालय ने चिकित्सकों, चिकित्सकचिकित्सकों की आवाजाही पर कुछ राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों की तरफ से लगाई गई पाबंदियों पर आपत्ति जताई, कहा वे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वाकांक्षी हैं। सभी निजी क्लीनिकों को खोलने की अनुमति देने को कहा गया है। इस तरह की गतिविधियों को अंतर मंत्रालयी सुविधा प्राप्त होगी।

रेलवे ट्रैक, सड़कों पर न जाएं प्रवासी मजदूर

केंद्र ने प्रवासियों के सड़कों और रेलवे ट्रैक पर चलने को लेकर गंभीर चिंता जताई है। राज्यों से कहा गया है कि उन्हें उनके गृह राज्य वापस भेजना सुनिश्चित करने के लिए विशेष ट्रेनों को अनुमति दें। राज्यों से ज्यादा से ज्यादा श्रमिक ट्रेनों में सहयोग करने के लिए कहा है। रविवार को काउंटर सचिव राजीव गौबा की बैठक का जिक्र करते हुए भल्ला ने भी सड़कों और रेलवे स्टेशन पर पैदल चलने वाले प्रवासी श्रमिकों की स्थिति पर चिंता जाहिर की।

उन्होंने कहा, ‘चूंकि बसों और मज़दूरों के ट्रेनों द्वारा उनके बोलने को पहले से ही उनके गृह राज्य ले जाने के लिए अनुमति दी गई है, इसलिए सभी राज्य / केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रवासी श्रमिक सड़क और रेलवे विभाग पर न चल रहा है। अगर उन्हें ऐसा करना पड़ा पाया जाता है तो उन्हें समझाकर पास में स्थित आश्रय स्थल ले जाना चाहिए और तब तक उन्हें खाना, पानी आदि देना चाहिए जब तक वह ट्रेन या बस में नहीं चढ़ जाते। ‘

चिकित्सा पेशेवरों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी
गृह मंत्रालय ने चिकित्सकों, चिकित्सकचिकित्सकों की आवाजाही पर कुछ राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों की तरफ से लगाई गई पाबंदियों पर आपत्ति जताई, कहा वे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वाकांक्षी हैं। उनकी आवाजाही पर रोक लगाना को विभाजित, गैर को विभाजित सेवाओं को गंभीर रूप से बाधित करना है। मंत्रालय ने कहा कि सभी निजी क्लीनिकों, नर्सिंग होम, अस्पतालों को तमाम चिकित्सा स्टाफ के साथ खुले जाने को सुनिश्चित करना चाहिए।





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