रेल मंत्री पीयूष गोयल
– फोटो: पीटीआई

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रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सभी राज्यों से अपील की है कि प्रवासी श्रमिकों के लिए चलाई जाने वाली विशेष रेलगाड़ियों के संचालन की अनुमति दें ताकि फंसे लोग अगले तीन-चार दिनों में अपने घर पहुंच सकें।

गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस तरह की रेलगाड़ियां चलाने की अनुमति देने के लिए पत्र लिखने के बाद रेल मंत्री ने यह अपील की है। गोयल ने रविवार को ट्वीट किया, ‘माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के निर्देशों के मुताबिक रेलवे बेहद कम समय के नोटिस पर प्रतिदिन 300 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियां चलाने के लिए बीते छह दिनों से तैयार है।’

उन्होंने कहा, ‘मैं सभी राज्यों से अपील करता हूं कि अपने फंसे श्रमिकों को निकालने और वापस लाने की अनुमति दें ताकि अगले तीन-चार दिनों में हम उन सभी को वापस घर पहुंच सकें।’ पश्चिम बंगाल की सरकार ने शनिवार को दावा किया था कि उनके कार्यकर्ताओं को वापस लाने के लिए उन्होंने आठ रेलगाड़ियों को मंजूरी दी है। इसने कहा कि ये से चार रेलगाड़ियां शनिवार को रवाना होंगी लेकिन उन रेलगाड़ियों का संचालन नहीं हुआ।

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि विभाग प्रतिदिन 300 रेलगाड़ियों का संचालन कर सकता है, जिससे पांच दिनों में लगभग 20 लाख प्रवासी श्रमिकों की परिचालन संभव है। हालांकि, उन्होंने कहा कि राज्य मंजूरी नहीं दे रहे हैं, खासकर पश्चिम बंगाल और राज्य जैसे राज्य। देश भर में दस मई तक 366 ‘श्रमिक अभियान’ रेलगाड़ियों का संचालन हुआ जिसमें से 287 अपने उद्देश्यों के लिए पहुंची और 79 रेलगाड़ियां अभी तक रास्ते में हैं।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सभी राज्यों से अपील की है कि प्रवासी श्रमिकों के लिए चलाई जाने वाली विशेष रेलगाड़ियों के संचालन की अनुमति दें ताकि फंसे लोग अगले तीन-चार दिनों में अपने घर पहुंच सकें।

गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस तरह की रेलगाड़ियां चलाने की अनुमति देने के लिए पत्र लिखने के बाद रेल मंत्री ने यह अपील की है। गोयल ने रविवार को ट्वीट किया, ‘माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के निर्देशों के मुताबिक रेलवे बेहद कम समय के नोटिस पर प्रतिदिन 300 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियां चलाने के लिए बीते छह दिनों से तैयार है।’

उन्होंने कहा, ‘मैं सभी राज्यों से अपील करता हूं कि अपने फंसे श्रमिकों को निकालने और वापस लाने की अनुमति दें ताकि अगले तीन-चार दिनों में हम उन सभी को वापस घर पहुंच सकें।’ पश्चिम बंगाल की सरकार ने शनिवार को दावा किया था कि उनके कार्यकर्ताओं को वापस लाने के लिए उन्होंने आठ रेलगाड़ियों को मंजूरी दी है। इसने कहा कि ये से चार रेलगाड़ियां शनिवार को रवाना होंगी लेकिन उन रेलगाड़ियों का संचालन नहीं हुआ।

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि विभाग प्रतिदिन 300 रेलगाड़ियों का संचालन कर सकता है, जिससे पांच दिनों में लगभग 20 लाख प्रवासी श्रमिकों की परिचालन संभव है। हालांकि, उन्होंने कहा कि राज्य मंजूरी नहीं दे रहे हैं, खासकर पश्चिम बंगाल और राज्य जैसे राज्य। देश भर में दस मई तक 366 ‘श्रमिक अभियान’ रेलगाड़ियों का संचालन हुआ जिसमें से 287 अपने उद्देश्यों के लिए पहुंची और 79 रेलगाड़ियां अभी तक रास्ते में हैं।





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