डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
अपडेटेड सन, 10 मई 2020 10:42 PM IST

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दिल्ली सरकार पर कोरोना से संबंधित मौत के आंकड़े छुपाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि दिल्ली सरकार राजधानी में कोरोना की स्थिति को बेहतर स्थिति में दिखाने के लिए मानकर कोरोना से हुई मौत के आंकड़े कम करने से रही है। रविवार को इस आरोप की तब पुष्टि होती है जब मुख्य सचिव विजय देव का एक पत्र लोगों के सामने आ गया जिसमें उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौत के सभी आंकड़ों को नियमों के अनुसार सरकार (मृत्यु लेखा समिति) को भेजने को कहा।

डेथ ऑडिट कमेटी का गठन दिल्ली स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा 20 अप्रैल को कोरोना के मौत के आंकड़ों की आधिकारिक जानकारी देने के लिए गया था।

इसके पहले शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मीडिया के सामने कहा था कि सरकार मौत के आंकड़े नहीं छिपा रही है। कोरोना के मामले में मौत के आंकड़े छिपाए भी नहीं जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ अस्पतालों से जानकारी सामने आने में देर हो जाती है जिसके कारण आंकड़ों में कुछ कमी रह जाती है।

मुख्य सचिव के पत्र में क्या?
दिल्ली के मुख्य सचिव विजय देव के रविवार को जारी पत्र में कहा गया है कि डेथ ऑडिट कमेटी के गठन के समय यह तय किया गया था कि सभी सरकारी और प्राथमिक अस्पताल रोजाना अपने यहां होने वाली मौतों की सही जानकारी कमेटी तक पहुंच जाएंगी। लेकिन यह पाया गया है कि अस्पताल अपने यहां होने वाली मौतों की सही जानकारी सही समय पर कमेटी तक नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया है कि सभी मौत के आंकड़े तय नियमों के हिसाब से प्रतिदिन ऑडिट कमेटी तक पहुंचेंगे।

कहां धुंध हो रही है
आंकड़े छिपाने के मामले में सबसे बड़ा अंतर एलएनजेपी अस्पताल के मौत के मामलों में सामने आया था। कथित तौर पर इस अस्पताल में ज्यादा मौत होने के बाद भी रिपोर्ट में कम मौत को दिखाया गया। अस्पताल के पूर्वील किशोर सिंह ने अमर उजाला को बताया कि अस्पताल के स्तर पर आंकड़ों में कोई चमक नहीं हो सकती है। लेकिन पूरी दिल्ली से कोरोना के मौत के आंकडे की इकट्ठा करने के सिस्टम में तकनीकी खामी है, जिसके कारण सही समय पर सटीक आंकड़े इकट्ठे नहीं मिलते हैं। यही कारण है कि मृत्यु की लेखा परीक्षा रिपोर्ट समय के आंकड़ों को अंतर आ जाती है।

विपक्ष हुआ साथी
मौका देख कर विपक्ष दिल्ली सरकार पर हमलावर हो उठा। भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार अपने लिए अच्छा बताने के लिए लोगों की मौत से खिलवाड़ कर रही है। वह कोरोना से मौत के आंकड़े कम करके दिखा रहा है।

उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया कि वे इस समय पर भी विपक्ष पर आरोप लगाने के काम में लगे हैं, जबकि उन्हें दिल्ली के लोगों की सुविधाओं को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कोरोना के मौत के मामलों की जांच की भी मांग की जिससे सच्चाई सामने आ सके।

दिल्ली सरकार पर कोरोना से संबंधित मौत के आंकड़े छुपाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि दिल्ली सरकार राजधानी में कोरोना की स्थिति को बेहतर स्थिति में दिखाने के लिए मानकर कोरोना से हुई मौत के आंकड़े कम करने से रही है। रविवार को इस आरोप की तब पुष्टि होती है जब मुख्य सचिव विजय देव का एक पत्र लोगों के सामने आ गया जिसमें उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौत के सभी आंकड़ों को नियमों के अनुसार सरकार (मृत्यु लेखा समिति) को भेजने को कहा।

डेथ ऑडिट कमेटी का गठन दिल्ली स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा 20 अप्रैल को कोरोना के मौत के आंकड़ों की आधिकारिक जानकारी देने के लिए गया था।

इसके पहले शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मीडिया के सामने कहा था कि सरकार मौत के आंकड़े नहीं छिपा रही है। कोरोना के मामले में मौत के आंकड़े छिपाए भी नहीं जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ अस्पतालों से जानकारी सामने आने में देर हो जाती है जिसके कारण आंकड़ों में कुछ कमी रह जाती है।

मुख्य सचिव के पत्र में क्या?
दिल्ली के मुख्य सचिव विजय देव के रविवार को जारी पत्र में कहा गया है कि डेथ ऑडिट कमेटी के गठन के समय यह तय किया गया था कि सभी सरकारी और प्राथमिक अस्पताल रोजाना अपने यहां होने वाली मौतों की सही जानकारी कमेटी तक पहुंच जाएंगी। लेकिन यह पाया गया है कि अस्पताल अपने यहां होने वाली मौतों की सही जानकारी सही समय पर कमेटी तक नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया है कि सभी मौत के आंकड़े तय नियमों के हिसाब से प्रतिदिन ऑडिट कमेटी तक पहुंचेंगे।

कहां धुंध हो रही है
आंकड़े छिपाने के मामले में सबसे बड़ा अंतर एलएनजेपी अस्पताल के मौत के मामलों में सामने आया था। कथित तौर पर इस अस्पताल में ज्यादा मौत होने के बाद भी रिपोर्ट में कम मौत को दिखाया गया। अस्पताल के पूर्वील किशोर सिंह ने अमर उजाला को बताया कि अस्पताल के स्तर पर आंकड़ों में कोई चमक नहीं हो सकती है। लेकिन पूरी दिल्ली से कोरोना के मौत के आंकडे की इकट्ठा करने के सिस्टम में तकनीकी खामी है, जिसके कारण सही समय पर सटीक आंकड़े इकट्ठे नहीं मिलते हैं। यही कारण है कि मृत्यु की लेखा परीक्षा रिपोर्ट समय के आंकड़ों को अंतर आ जाती है।

विपक्ष हुआ साथी
मौका देख कर विपक्ष दिल्ली सरकार पर हमलावर हो उठा। भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार अपने लिए अच्छा बताने के लिए लोगों की मौत से खिलवाड़ कर रही है। वह कोरोना से मौत के आंकड़े कम करके दिखा रहा है।

उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया कि वे इस समय पर भी विपक्ष पर आरोप लगाने के काम में लगे हैं जबकि उन्हें दिल्ली के लोगों की सुविधाओं को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कोरोना के मौत के मामलों की जांच की भी मांग की जिससे सच्चाई सामने आ सके।





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