• दफ्तर में सुरक्षा के उपाय बढ़ाए जा रहे हैं, फिर भी घर से काम को तरजीह मिलेगा
  • इन कंपनियों में सिर्फ जरूरी काम के लिए ही दफ्तर आने की जरूरत होगी

दैनिक भास्कर

09 मई, 2020, 06:08 AM IST

न्यूयॉर्क। कोरोना महामारी के कारण पर्यटन की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई। कई बड़ी कंपनियों को अपने दफ्तर बंद कर कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देनी पड़ी। अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनियों फेसबुक और गूगल ने भी महामारी के शुरुआती दौर में ही अपने ज्यादातर कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने को कहा। अब जबकि लॉकडाउन में ढील जा रहा है तो कंपनियों के दफ्तर भी खुलने शुरू हो गए हैं। गूगल और फेसबुक भी जुलाई में अपने दफ्तर खोल रहा है। हालांकि, इन दोनों कंपनियों ने कहा है कि उनके जो कर्मचारी अभी तक वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं, उन्हें इस साल के अंत तक यह सुविधा मिलेगी।

Google ने पहले कहा था कि उसकी वर्क फ्रॉम होम पॉलिसी 1 जून तक लागू रहेगी, लेकिन इसने अब सात महीने का इजाफा करने का फैसला किया है। वहीं, फेसबुक ने कहा है कि इसके दफ्तर में 6 जुलाई को खुल जाएगा लेकिन कर्मचारी दिसंबर के अंत तक वर्क फ्रॉम होम करते रहेंगे।

गूगल के सीईओ पिचाई ने कहा- कर्मचारी जुलाई से दफ्तर आ जाएगा

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि जिन कर्मचारियों को दफ्तर आने की जरूरत है, वे जुलाई से ऐसा करेंगे। इसके लिए Google के इतिहास में मौजूद दफ्तरों में सुरक्षा मानकों में इजाफा किया जा रहा है, ताकि कर्मचारी संक्रमण से बचे रहें। पिचाई ने आगे कहा कि ज्यादातर कर्मचारी जो घर से काम जारी रखते हैं वे इस साल के अंत तक ऐसा कर सकते हैं। फेसबुक का रुख भी गूगल की लाइन पर ही है।

फेसबुक ने कहा- कर्मचारी वर्ष के अंत तक वर्क फ्रॉम होम कर सकते हैं

फेसबुक के प्रवक्ता ने कहा, ‘जो कर्मचारी दफ्तर से दूर अपना काम जारी रख सकते हैं, वे साल के अंत तक वर्क फ्रॉम होम की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति में लगातार बदलाव हो रहा है। कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य काम पर लौटने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय करने में जुटे हैं। हमें उनका सहयोग करना है। ‘

फेसबुक ने कर्मचारियों को 75 हजार रुपए का बोनस भी दिया था
फेसबुक उन संपादकों कंपनियों में शामिल हो रही है, जिन्होंने महामारी को देखते हुए कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी थी। फेसबुक ने घर से काम करने वाले कर्मचारियों को घर में वर्क स्टेशन तैयार करने और बच्चों की देखभाल के लिए 1 हजार डॉलर (लगभग 75 हजार रुपए) का बोनस भी दिया था। इधर, इन्फोसिस और एचसीएल जैसी भारतीय कंपनियों ने भी कहा है कि संकट का दौर समाप्त होने के बावजूद वे वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देना जारी रखेंगी।





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