• अमेरिका के उच्च सदन सीनेट के चार सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को पत्र लिखा है
  • एच -1 बी वीजा के साथ, एच -2 बी, ईबी -5 और ओटीपी वीजा को भी सस्पेंड करने की मांग है

दैनिक भास्कर

09 मई, 2020, 06:03 AM IST

वॉशिंगटन। अमेरिका मे उच्च सदन सीनेट के चार सांसदों ने डोनाल्ड ट्रम्प पर एच -1 बी वीजा और विदेशी स्टूडेंट्स के इंटर्नशिप के लिए वीजा सस्पेंड करने का दबाव डाला है। उन्होंने अमेरिकी नागरिकों की नौकरी बचाने के लिए यह सुझाव दिया है। ट्रम्प अगर यह कदम उठाते हैं तो भारतीयों पर इसका बुरा असर पड़ेगा। अमेरिका में ग्रेट डिप्रेशन के बाद इतनी बेरोजगारी कभी नहीं आई है।

सांसदों ने शुक्रवार को ट्रम्प को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने लेबर डिपार्टमेंट की रिपोर्ट दी। बताया गया है कि कोरोना महामारी ने अप्रैल में दो करोड़ लोगों को नष्ट कर दिया है। इसके कारण 14.7% बेरोजगारी आ गई है।

उन्होंने कहा कि विदेशों से आने वाले वर्करों के वीजा कम से कम एक साल के लिए सस्पेंड कर देना चाहिए। अमेरिका के स्वयं के नागरिकों के लिए नौकरियों की कमी हो गई है, सीमित रोजगार में अतिरिक्त विदेशी कर्मचारियों को भर्ती नहीं करना चाहिए। वीजा सस्पेंशन की मांग करने वालों में चक ग्रेसली, टॉम कॉटन, टेड आइलैंड और जोश हॉले शामिल हैं।

सांसदों ने इन वीज़ा को सस्पेंड करने की मांग की

  • एच -1 बी वीजा: विशेष कार्य के कर्मचारियों को जाने वाला वीजा दिया गया
  • एच -2 बी वीजा: नॉन-एग्रीकल्चरल कामों के लिए सीजनल वर्करों को दिया जाने वाला वीजा
  • ओजी वीजा: ग्रेज्यूशन के बाद स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप के लिए दिए जाने वाला वीजा
  • ईबी -5 वीजा: विदेश के अमीर लोगों को इंवेस्टमेंट के बदले दिए जाने वाला वीजा

वीजा के संस्पेंशन से भारत पर असर पड़ेगा
एच -2 बी वीजा को छोड़कर अन्य सभी वीजा के संस्पेशन से भारतीयों पर असर पड़ेगा। एच -2 बी वीजा खासतौर पर मेक्सिको के प्रवासी मजदूरों के काम आता है। अमेरिका में हर साल 10 कर्मचारी विदेशों से आते हैं। अमेरिकी सांसदों ने कहा कि बेरोजगारी की दर इतनी ज्यादा है कि इन कर्मचारियों को वीजा देने का कोई कारण नहीं है।

पिछले साल ओएमपी वीजा वालों में 40% भारतीय थे

ओटीपी वीजा के सस्पेंड होने से भारतीय छात्रों में असर पड़ेगा। हर साल भारत से कई स्टूडेंट फॉरेन स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका ग्रेजुएशन के लिए जाते हैं। ग्रेज्यूशन होने के बाद अमेरिका उनके वीजा में विस्तार करता है। इसे ही ओएमपी वीजा कहता है। इसके तहत विदेशी छात्र एक से तीन साल तक अमेरिका इंटर्नशिप कर सकते हैं। 2019 में अमेरिका में विदेश के दो लाख 23 हजार स्टूडेंट ऐसे थे, जिन्हें ग्रेजुएशन के बाद ओटीपी वीजा मिला था, इसमें 40 प्रतिशत लगभग भारतीय थे।





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