क्रिकेट का पहला फिनिशर … जिसे देखते हुए धोनी इतने महान खिलाड़ी बने! – जन्मदिन मुबारक हो ऑस्ट्रेलियाई पूर्व ओडी किंवदंती माइकल बेवन 50 पहले फिनिशर बने क्रिकेट – समाचार हिंदी में


माइकल बेवन का आज जन्मदिन है

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व आगंतुक माइकल बेवन (माइकल बेवन जन्मदिन) 50 साल के हो गए हैं।

नई दिल्ली। क्रिकेट में कहा जाता है कि अगर आप जीत हासिल करते हैं तो टीम के ओपनरों का चलना बहुत जरूरी होता है लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जो इस बात को अकसर गलत साबित करते रहते हैं। उन बल्लेबाजों को हम ‘फिनिशर’ के नाम से जानते हैं। जो आज विराट कोहली हैं। एक साल पहले तक एमएल धोनी थे। माइकल हसी थे। लांस क्लूजनर थे। लेकिन मैच फिनिशर शब्द आखिरकार प्रसाद कैसे हुआ। आखिर किस खिलाड़ी को ये ‘उपाधि’ सबसे पहले दी गई थी? यकीन मानिए क्रिकेट फैंस के जहान में एक ही नाम होगा …. माइकल बेवन (माइकल बेवन)।

हैप्पी बर्थडे माइकल बेवन

महानतम वनडे बुटीकों में से एक माइकल बेवन (माइकल बेवन जन्मदिन) का आज 50 वां जन्मदिन है। वनडे में 50 से ज्यादा का औसत रखने वाले बेवन ने आज उम्र का अर्धशतक भी ठोक दिया है। बेवन का जन्म 8 मई 1970 को बेल्कोनेन में हुआ था। माइकल बेवन बेहद अलग किस्म के आगंतुक थे, यहां तक ​​कि उनकी गेंदबाजी भी दूसरे बाएं हाथ के गेंदबाजों से अलग थी। बेवन एक बालवीर गेंदबाज थे। बेवन का करियर बेमिसाल रहा। वनडे विशेषज्ञ माने जाने वाले बेवन ने 232 वनडे मैचों में 53.28 की औसत से 6912 रन बनाए। जब बेवन ने क्रिकेट को अलविदा कहा था तो सिर्फ एबी डिविलियर्स ऐसे बल्लेबाज थे जिनकी औसत बेवन से ज्यादा थी।

बेवन कैसे बने मैच फिनिशरवर्ष 1994 में डेब्यू करने वाले बेवन (माइकल बेवन) एक मिडिल नंबर दंत चिकित्सक थे। वे नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने आते थे और मजबूत बैटिंग लाइनअप के चलते उन्हें बेहद कम दांवपे खेलने को मिलते थे। बेवन ना तो बड़े खेल खेलते थे, ना ही वो आक्रामक रुख अपनाते थे लेकिन फिर भी उनका ऑस्ट्रेलियाई ड्रेसिंग रूम में सम्मान था। वास्तव में बेवन 1-1 रन के साथ हमेशा स्कोरबोर्ड बढ़ाते रहते थे और ये टैलेंट हर किसी को नहीं होता। हालांकि साल 1996 में बेवन ने एक ऐसी पारी खेल में खेली, जिसने उन्हें फिनिशर का तमगा दिला दिया।

https://www.youtube.com/watch?v=K5OV8roU-VE

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर बेवन का चमत्कार

वर्ष 1996 का पहला दिन था। वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया की भिड़ंत हो रही थी। ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 50 ओवरों में सिर्फ 173 रन बनाने थे लेकिन विंडीज गेंदबाजों ने कमाल ही कर दिया। ऑस्ट्रेलिया ने अपने 6 विकेट सिर्फ 38 रनों पर गंवा दिए। इसके बाद क्रीज पर आए माइकल बेवन (माइकल बेवन) और उन्होंने एक-एक, दो-दो रन बनाए। जैसे-तैसे कर माइकल बेवन मैच को आखिरी गेंद तक ले आए और ऑस्ट्रेलिया के 9 विकेट गिर चुके थे। आखिरी गेंद पर ऑस्ट्रेलिया को 4 रनों की दरकार थी और बेवन ने जबर्दस्त चौका मारकर टीम को अविश्वसनीय जीत दिला दी थी। इस तरह माइकल बेवन को मैच फिनिशर के नाम से जाना जाने लगा।

बेवन (माइकल बेवन) ने 1999 और 2003 विश्व कप में भी कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं और दोनों ही बार ऑस्ट्रेलिया ने विश्व कप जीता। बेवन के बाद क्रिकेट को धोनी, माइकल हसी, विराट जैसे फिनिशर्स मिले लेकिन ऑस्ट्रेलिया के बांए हाथ का ये खिलाड़ी सच में बेहद खास था, क्योंकि उन्हें देखकर ही आज के दिग्गज बड़े हुए हैं और सभी ने उनसे मैच फिनिश करना सीखा है।

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प्रथम प्रकाशित: 8 मई, 2020, 6:18 AM IST


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