• 30 लाख रुपये तक के होम लोन पर एक्सटर्नल बेंचमार्क से जुड़ी ब्याज दर (ईबीआर) और उसके ऊपर होने वाली वृद्धि के साथ यह ब्याज दर 7.40 प्रतिशत होगी।
  • 7 मई के फैसले के अनुसार किसी ने 25 लाख रुपये का कर्ज 30 साल के लिए लिया है, तो उसका ईएमआई 255 रुपये कम हो जाएगा।

दैनिक भास्कर

08 मई, 2020, 12:29 PM IST

मुंबई। देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से अगर आप होम लोन लेने की योजना रहे हैं तो आपको पहले से सोच विचार करना होगा।) दरअसल बैंक ने एक मई से ही होम और पर्सनल लोन की दरों में 0.3 प्रतिशत का इजाफा कर दिया है। हालांकि बैंक ने 7 मई को सुश्रीएलआर की दरों में 0.15 बीपीएस की कटौती की थी।

बॉरोअर्स और रियल्टी कंपनियों के लिए क्रेडिट रिस्क बढ़ा

बैंक की वेबसाइट के मुताबिक बैंक ने रेपो रेट लिंक्ड होम लोन पास में 30 आधार अंक यानी 0.3 प्रतिशत का इजाफा कर दिया है। एसबीआई ने प्रॉपर्टी के आधार पर जाने के लिए व्यक्तिगत लोन पर भी ब्याज दरों में 0.30 प्रतिशत का इजाफा किया है। इस बदलाव से एसबीआई से घर और व्यक्तिगत लोन लेने वाले ग्राहकों को झटका लगेगा। माना जा रहा है कि कोविड -19 महामारी के मद्देनजर कर्ज लेने वालों और रियल्टी कंपनियों को दिए गए लोन को लेकर जोखिम बढ़ गया है। इसी के मद्देनजर बैंक ने यह कदम उठाया है।

75 लाख रुपये के लोन पर 0.2 प्रतिशत बढ़ेगी ब्याज दर

कोविद -19 महामारी के कारण जारी लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियों में व्यवधान पैदा हुआ है। इससे कंपनियों और लोगों की आय भी प्रभावित हुई। इस वृद्धि के बाद स्टेट बैंक के 75 लाख रुपये तक के होम लोन पर ब्याज दर में 0.20 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी जबकि 30 लाख रुपये तक के होम लोन पर एक्सटर्नल स्टॉकमार्क से जुड़ी ब्याज दर (ईबीआर) और उसके ऊपर होने वाली वृद्धि के साथ। यह ब्याज दर 7.40 प्रतिशत होगी। एक अप्रैल 2020 को यह 7.20 प्रतिशत तय की गई थी।

ज्यादातर लोन सुश्रीएलआर पर ही मिलते हैं

ज्यादातर बैंक एलएलआर या रेपो रेट लिंक्ड दर पर ही होम लोन देते हैं। एसबीआई ने एक्सटर्नल स्टॉकमार्क लिंक्ड लैडिंग रेट को 7.05 प्रति पर ही स्थिर रखा है। होम लोन रेट्स में 0.3 प्रतिशत का यह इजाफा मार्जिन बढ़ाकर किया गया है। नई आपूर्ति 1 मई 2020 से लागू हो गई हैं। ब्याज दरों में इस कटौती के बाद जिन ग्राहकों का खाता सुश्रीएलआर से जुड़ा है, वे इसका फायदा करेंगे। उदाहरण के लिए अगर किसी ने 25 लाख रुपए का कर्ज 30 साल के लिए लिया है तो उसकी ईएमआई 255 रुपए कम हो जाएगी। होम लोन में एसबीआई की 34 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी है, जबकि औटो लोन में 34.86 प्रतिशत हिस्सा है। दिसंबर 2019 तक बैंक की कुल 31 लाख करोड़ रुपये की डिपॉजिट थी।

अप्रैल, 2016 से सुश्रीएलआर पर कर्ज है

आरबीआई द्वारा बैंकों के लिए तय फॉर्मूला फंड की मार्जिनल कॉस्ट पर आधारित है। इस फॉर्मूले का उद्देश्य ग्राहक को कम ब्याज दर का फायदा देना और बैकों के लिए ब्याज दर तय करने की प्रक्रिया में मार्गदर्शन लाना है। अप्रैल, 2016 से ही बैंक नए फॉर्मूले के तहत मार्जिनल कॉस्ट से लेंडिंग रेट तय कर रहे हैं। Www.LR फॉर्मूले का फायदा नए और पुराने दोनों ग्राहकों को मिलता है। इससे पहले बैंक ने कर्ज पर ब्याज दरों में गुरुवार को 0.15 प्रतिशत की कटौती की थी। अब ब्याज दरें 7.40 प्रति से घटकर 7.25 प्रति पर आ गई हैं।

7 मई को सुश्रीएलआर और एफडी की दरों में कटौती की गई थी

कर्ज पर ब्याज इकाइयों में कमी से मासिक किश्त में 255 रुपए की कमी आईगी। ऋण पर नई संख्या 10 मई से और एफडी पर नई संख्या 12 मई से लागू होगी। बैंक द्वारा www.LR में लगातार 12 वें और वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी कटौती की गई है। मार्च से अब तक एफडी की दरों में तीन बार कटौती की गई है। इसी तरह एफडीआई की ब्याज दरों में भी एसबीआई ने कटौती की है। नई दरों के मुताबिक 3 साल की एफडी पर बिक्री 0.20 फीसदी तक कम हो गई है। वर्तमान में एसबीआई 7 दिन से 45 दिन की एफडी पर 3.5 प्रति की दर से ब्याज दे रहा है। जबकि 46 दिन से 179 दिन के लिए यह 4.5 प्रति है।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: