अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अद्यतित मंगल, 05 मई 2020 11:42 अपराह्न IST

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भारतीय मादक पेय उद्योग के एक शीर्ष निकाय ने मंगलवार को दिल्ली सरकार से शराब की होम नोट करने की अनुमति मांगी है। लॉकडाउन 3.0 में शराब की दुकानों खुलने के बाद कई जगह भारी भीड़ देखी गई जिसकी मद्देनजर अब सरकार से कई इलाकों में शराब की होम नोट करने की अनुमति मांगी गई है।

कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहल ब्रेवरीज कंपनी (एनएबीसी) ने सरकार से टोकन सिस्टम से शराब बेचन की अनुमति मांगी और कहा कि इससे भीड़ प्रबंधन में भी सहायता मिलेगी। कोरोनावायरस के डर और 70 प्रति ‘विशेष कोरोना शुल्क’ लगने के बाद भी लॉकाडाउन 3.0 के दूसरे दिन शराब की दूकानों के बाहर भीड़ लगने लगी।

एनएबीसी के महानिदेशक विनोद गिरि ने कहा कि ऑफ़लाइन माध्यम से शराब की बिक्री दुकानों के बाहर भीड़ कम करने का एक प्रभावी लक्ष्य साबित होगा। उन्होंने कहा कि हम सरकार से शराब की होम नोट के बारे में विषय पर विचार करने के लिए बात करेंगे। होम नोट सबसे सुरक्षित तरीका है और इसमें कोई डर की बात नहीं है।

गिरि ने सरकार को टोकन सिस्टम के बारे में भी सुझाव दिया। इसमें व्यक्ति ऑनलाइन शराब बुक करवाने नंबर जनरेट करे और बाद में दिए गए समय पर दुकान से शराब ले सकता है। शराब की बिक्री पर 70 प्रति ‘विशेष कोरोना शुल्क’ लगाने के सरकार के फैसले पर उन्होंने कहा कि शराब की कीमतों में अलग से नहीं देखा जा सकता है और उन्हें पड़ोसी शहरों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

मंगलवार को गृह मंत्रालय द्वारा लॉकडाउन में दी गई छूट के अनुसार लगभग 190 सरकारी शराब की दुकानें खुलीं थीं, जबकि मंगलवार को लगभग 150 करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा था कि उन सभी क्षेत्रों से छूट वापस ले ली जाएगी, जहां लोग सोशल डिस्टेंसिंग के मापदंडों का उल्लंघन कर रहे हैं।

भारतीय मादक पेय उद्योग के एक शीर्ष निकाय ने मंगलवार को दिल्ली सरकार से शराब की होम नोट करने की अनुमति मांगी है। लॉकडाउन 3.0 में शराब की दुकानों खुलने के बाद कई जगह भारी भीड़ देखी गई जिसकी मद्देनजर अब सरकार से कई इलाकों में शराब की होम नोट करने की अनुमति मांगी गई है।

कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहल ब्रेवरीज कंपनी (एनएबीसी) ने सरकार से टोकन सिस्टम से शराब बेचन की अनुमति मांगी और कहा कि इससे भीड़ प्रबंधन में भी सहायता मिलेगी। कोरोनावायरस के डर और 70 प्रति ‘विशेष कोरोना शुल्क’ लगने के बाद भी लॉकाडाउन 3.0 के दूसरे दिन शराब की दूकानों के बाहर भीड़ लगने लगी।

एनएबीसी के महानिदेशक विनोद गिरि ने कहा कि ऑफ़लाइन माध्यम से शराब की बिक्री दुकानों के बाहर भीड़ कम करने का एक प्रभावी लक्ष्य साबित होगा। उन्होंने कहा कि हम सरकार से शराब की होम नोट के बारे में विषय पर विचार करने के लिए बात करेंगे। होम नोट सबसे सुरक्षित तरीका है और इसमें कोई डर की बात नहीं है।

गिरि ने सरकार को टोकन सिस्टम के बारे में भी सुझाव दिया। इसमें व्यक्ति ऑनलाइन शराब बुक करवाने नंबर जनरेट करे और बाद में दिए गए समय पर दुकान से शराब ले सकता है। शराब की बिक्री पर 70 प्रति ‘विशेष कोरोना शुल्क’ लगाने के सरकार के फैसले पर उन्होंने कहा कि शराब की कीमतों में अलग से नहीं देखा जा सकता है और उन्हें पड़ोसी शहरों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

मंगलवार को गृह मंत्रालय द्वारा लॉकडाउन में दी गई छूट के अनुसार लगभग 190 सरकारी शराब की दुकानें खुलीं थीं, जबकि मंगलवार को लगभग 150 करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा था कि उन सभी क्षेत्रों से छूट वापस ले ली जाएगी, जहां लोग सोशल डिस्टेंसिंग के मापदंडों का उल्लंघन कर रहे हैं।





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