कांग्रेस नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी से को विभाजित -19 की वजह से अर्थव्यवस्था को पहुंचे नुकसान को लेकर बात कर रहे हैं। देश की अर्थव्यवस्था को उबारने और सरकार को सुझाव देने के लिए राहुल विभिन्न विशेषज्ञों से बात कर रहे हैं। इसी कड़ी में पिछले सप्ताह उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुरामन से बात की थी।

– सरकार से ज्यादा लोगों को पता होता है कि इस समय पैसों की जरूरत है। आज भी कई ऐसी योजनाएँ हैं, जिन्हें लोग शामिल नहीं कर पाए हैं। इस तरह की जरूरत है कि उन लोगों तक मदद पहुंचाई जाए। हमें इस बात को भूल जाना चाहिए कि इससे कुछ लोगों को फायदा पहुंच सकता है। इस समय जोखिम उठाने की जरूरत है क्योंकि यही समय की मांग है।

– राहुल ने कहा कि केंद्र सरकार निश्चित रूप से बड़े फैसले ले लेकिन लॉकडाउन और जरी फैसलों को राज्य सरकार को लेने देना चाहिए। मौजूदा सरकारलग गणना से चल रहा है और केंद्र से ही निर्णय लिए जा रहे हैं। अभिजीत ने कहा कि केंद्र को गरीबों के लिए नई योजना लाने की जरूरत है। राज्यों और जिला अधिकारियों को गरीबों को सीधा लाभ पहुंचाने की जरूरत है।

– अभिजीत ने कहा कि यदि कोई को पैसा पहुंचाना है तो उसके लिए एक वातावरण चाहिए। जिसके पास खाता है उसके पास पैसा मिल सकता है लेकिन जिसके पास खाता नहीं है उसके बारे में सोचना होगा। ऐसे में राज्य सरकारों को ज्यादा से ज्यादा मदद देनी होगी ताकि किसी तरह से आम लोगों तक पैसा पहुंच सके।

– राहुल ने कहा कि आज देश में राशन कार्ड कम है लोगों के पास खाना नहीं है। जिसपर नोबेल विजेता ने कहा कि हमने पहले भी इसपर सलाह दी है। सरकार को अभी तक राशन कार्ड जारी करना चाहिए, जो कम से कम तीन महीने काम करें और हर किसी को मुफ्त में राशन मिल सके। हर किसी को इस समय चावल, दाल, गेहूं और चीनी की जरूरत है।

– राहुल ने कहा कि जितनी जल्दी लॉकडाउन से बाहर आया उतना अच्छा है लेकिन उसके बाद भी एक योजना होनी चाहिए। वर्ना सारा पैसा बेकार है। जिसपर बनर्जी ने कहा कि हमें महामारी के बारे में पता होना चाहिए। लॉकडाउन बढ़ाने से कुछ नहीं होगा।

– राहुल ने कहा कि आज दवाओं की दिक्कत होगी, बैंकों के सामने कई तरह की मुश्किलें होंगी और नौकरी बचाने पाना मुश्किल होगा। जिसके जवाब में बनर्जी ने कहा कि ये बिलकुल सच होने वाला है। ऐसे में देश में आर्थिक पैकेज की दरकार है। अमेरिका-जापान जैसे देशों ने ऐसा किया है। हमारे यहाँ नहीं हुआ। छोटे उद्योगों की मदद करनी चाहिए। तिमाही का ऋण भुगतान खत्म कर देना चाहिए।उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से कारोबार पूरी तरह से ठप है इसलिए आर्थिक मदद की ज्यादा जरूरत है।

– बनर्जी ने कहा कि यूपीए सरकार ने काफी अच्छी नीतियों को लागू किया था लेकिन अब सरकार उन्हें लागू नहीं कर रही है। यूपीए सरकार ने किस आधार जैसी योजनाओं को लागू किया था। इस सरकार ने भी उसे सही बताया और डॉपर ने काम किया। आज के समय में इस तरह की सुविधा काफी सही साबित हो सकती थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसका मतलब है कि देशव्यापी योजना लागू नहीं हो पाई है।

– राहुल गांधी ने अभिजीत बनर्जी से पूछा कि जब आपने नोबेल पुरस्कार जीता था तो यह चौंकाने वाला था? जिसपर उन्होंने कहा कि उन्होंने बिलकुल ऐसा नहीं सोचा था।





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