पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में कोविद का सबसे खराब रिकॉर्ड 19 संक्रमण है – पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र का कोविद -19 संक्रमण के मामले में सबसे खराब रिकॉर्ड

Bytechkibaat7

May 5, 2020 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


उपचार स्वास्थ्य कर्मी करता है
– फोटो: पीटीआई (फाइल)

ख़बर सुनता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री का गृह राज्य गुजरात को विभाजित -19 संक्रमण के मामले में डरा रहा है। हालांकि सबसे अधिक स्पष्ट महाराष्ट्र में हैं, लेकिन संक्रमण से मरने वालों की संख्या के मामले में गुजरात और मध्य प्रदेश सभी राज्यों को पीछे छोड़ दे रहे हैं।

वहीं केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, राजस्थान में राजस्थान को छोड़कर हर राज्य में नए मरीज आ रहे हैं, लेकिन मरीजों के ठीक होने की अच्छी हालत है। तुलना में दिल्ली में मरीजों की मौत का आंकड़ा भी लगभग-लगभग स्थिर है। उत्तर प्रदेश के हालात भी खतरे में हैं।

गुजरात को देश का व्यवसाय राज्य कहा जाता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य में सकारात्मकों की संख्या 5804 है, 1195 मरीज ठीक हुए, लेकिन मरने वालों की संख्या 319 है।

मृत्युदर लगभग 5.5 प्रति है। मध्य प्रदेश में टाइपों की संख्या 3049 है। 1000 लोग ठीक हुए और 176 लोगों की मौत हो गई। यहां भी मृत्यु दर कुलीनों की तुलना में 5.8 प्रति है। महाराष्ट्र में 14541 प्रकार हैं, 2465 ठीक हुए और 583 (दर 4 प्रतिशत) की मृत्यु हो गई। इसकी तुलना में ठीक होने वाले मरीजों के मामले में भी गुजरात और मध्य प्रदेश पीछे हैं।

केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, राजस्थान

केरल में 500 संभावितों का पता चला, 4 लोगों की मौत हुई और 462 लोग ठीक हुए। पहले कोविड -19 का मरीज भी केरल में आया था। मृत्युदर एक प्रति से भी कम है। कर्नाटक में 659 प्रकार, 324 ठीक हुए और 28 लोगों की मृत्यु (लगभग 4.1) हुई।

लेकिन ट्रांसफर ओवर में आ गया है। TN में 3550 प्रकार, 1409 ठीक हुआ और 31 लोगों की मृत्यु (एक प्रति से बहुत कम) हुई। आंध्रप्रदेश में 1717 वर्ष, 589 ठीक हुआ, 36 (लगभग 2 प्रतिशत) लोगों की मौत हो गई।

मूल्यांकन में 3061 प्रकार, 1394 ठीक हुए और 77 लोगों की मृत्यु (2.5 प्रति) हो गई है। उत्तर प्रदेश की भी स्थिति अच्छी है। अधिक जनसंख्या वाले सबसे बड़े राज्य में अब तक 2859 आबादी, 944 ठीक और 53 लोग मृत्यु (2 प्रतिशत से कम) का शिकार हुए। दिल्ली में 4898 प्रकार की तुलना में 1431 प्रकार ठीक हुए और 64 की मृत्यु (1.25 प्रति) हो गई।

पश्चिम बंगाल का आंकड़ा सबसे खराब

पश्चिम बंगाल के आंकड़े पर केंद्र सरकार की टीम ने भी सवाल उठाए। पश्चिम बंगाल में अब तक 1259 अरबों की जानकारी है। केवल 218 लोग ठीक हुए हैं। 133 लोगों की कोटि -19 संक्रमण से जान चली गई। कुल सतर्कतों की तुलना में देखा जाए तो यह मृत्यु की दर 10.5 प्रति के लगभग आ रही है।

सार

  • मृत्यु के मामले में पश्चिम बंगाल (10.5 प्रतिशत) और मध्य प्रदेश (5.8 प्रतिशत) ने सबको पीछे छोड़ दिया
  • गुजरात, महाराष्ट्र भी बहुत पीछे नहीं
  • केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली को मिल रही है कामयाबी

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री का गृह राज्य गुजरात को विभाजित -19 संक्रमण के मामले में डरा रहा है। हालांकि सबसे अधिक स्पष्ट महाराष्ट्र में हैं, लेकिन संक्रमण से मरने वालों की संख्या के मामले में गुजरात और मध्य प्रदेश सभी राज्यों को पीछे छोड़ दे रहे हैं।

वहीं केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, राजस्थान में राजस्थान को छोड़कर हर राज्य में नए मरीज आ रहे हैं, लेकिन मरीजों के ठीक होने की अच्छी हालत है। तुलना में दिल्ली में मरीजों की मौत का आंकड़ा भी लगभग-लगभग स्थिर है। उत्तर प्रदेश के हालात भी खतरे में हैं।

गुजरात को देश का व्यवसाय राज्य कहा जाता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य में सकारात्मकों की संख्या 5804 है, 1195 मरीज ठीक हुए, लेकिन मरने वालों की संख्या 319 है।

 मृत्युदर लगभग 5.5 प्रति है। मध्य प्रदेश में टाइपों की संख्या 3049 है। 1000 लोग ठीक हुए और 176 लोगों की मौत हो गई। यहां भी मृत्यु दर कुलीनों की तुलना में 5.8 प्रति है। महाराष्ट्र में 14541 प्रकार हैं, 2465 ठीक हुए और 583 (दर 4 प्रतिशत) की मृत्यु हो गई। इसकी तुलना में ठीक होने वाले मरीजों के मामले में भी गुजरात और मध्य प्रदेश पीछे हैं।

केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, राजस्थान

केरल में 500 संभावितों का पता चला, 4 लोगों की मौत हुई और 462 लोग ठीक हुए। पहले कोविड -19 का मरीज भी केरल में आया था। मृत्युदर एक प्रति से भी कम है। कर्नाटक में 659 प्रकार, 324 ठीक हुए और 28 लोगों की मृत्यु (लगभग 4.1) हुई।

लेकिन ट्रांसफर ओवर में आ गया है। TN में 3550 प्रकार, 1409 ठीक हुआ और 31 लोगों की मृत्यु (एक प्रति से बहुत कम) हुई। आंध्रप्रदेश में 1717 वर्ष, 589 ठीक हुआ, 36 (लगभग 2 प्रतिशत) लोगों की मौत हो गई।

मूल्यांकन में 3061 प्रकार, 1394 ठीक हुए और 77 लोगों की मृत्यु (2.5 प्रति) हो गई है। उत्तर प्रदेश की भी स्थिति अच्छी है। अधिक जनसंख्या वाले सबसे बड़े राज्य में अब तक 2859 आबादी, 944 ठीक और 53 लोग मृत्यु (2 प्रतिशत से कम) का शिकार हुए। दिल्ली में 4898 प्रकार की तुलना में 1431 प्रकार ठीक हुए और 64 की मृत्यु (1.25 प्रति) हो गई।

पश्चिम बंगाल का आंकड़ा सबसे खराब

पश्चिम बंगाल के आंकड़े पर केंद्र सरकार की टीम ने भी सवाल उठाए। पश्चिम बंगाल में अब तक 1259 अरबों की जानकारी है। केवल 218 लोग ठीक हुए हैं। 133 लोगों की कोटि -19 संक्रमण से जान चली गई। कुल सतर्कतों की तुलना में देखा जाए तो यह मृत्यु की दर 10.5 प्रति के लगभग आ रही है।





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