न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
अद्यतित Tue, 05 मई 2020 12:52 AM IST

ख़बर सुनता है

हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि को विभाजित 19 की टेस्ट रिपोर्ट 48 घंटे या उससे पहले उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करेगा। पीठ ने सरकार को निर्देश दिया कि जिन टेस्टिंग रिलायंस को को लाभांश 19 के नमूनों की जांच के लिए दिए जा रहे हैं, उन्हें रिपोर्ट दिए गए समय में प्राप्त की जाएगी। पीठ ने यह निर्देश एक जनहित याचिका का निपटारा करते हुए दिया।

न्यायमूर्ति म कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह अपनी वेबसाइट को लगातार अपडेट करवाए और राजधानी में हो रहे हैं विभाजित 19 के टेस्ट की संख्या वहाँ बताई जाए। यह भी बताता है कि कैसे लोगों के टेस्ट हुए और उनमें से लोग कोरोना पॉजिटिव और निगेटिव पाए गए। इसके साथ यह जानकारी भी दी जाए कि कैसे टेस्ट की रिपोर्ट आनी बाकी है। जिन अस्पतालों में कोरोना मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करवाई जा रही है, उन्हें निर्देश दें कि 24 से 48 घंटे के भीतर टेस्ट रिपोर्ट तैयार करके दें।

याचिका पर सुनवाई के दौरान याची ने दावा किया कि दिल्ली सरकार या केंद्र सरकार में से कोई भी विभाजित होकर 19 के शक्तियां के टेस्ट की रिपोर्ट में 48 घंटे के भीतर प्राप्त करने के लिए कोई उचित कदम नहीं उठा रहे हैं। /ची ने कहा कि टेस्ट रिपोर्ट मिलने में हो रही देरी से कोरोनाटेन्स की संख्या में एक साथ कई गुना इजाफा होगा। इससे कोरोना मरीजों के इलाज के प्रयासों पर पानी फिर से लग सकता है। वहीं दिल्ली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के वेब हैंडल पर भी कोरोना मामलों की सटीक और नवीनतम जानकारी उपलब्ध नहीं है।

दिल्ली सरकार की ओर से पेश वकील सत्यद ने पीठ को बताया कि सरकार 23 अरब में को विभाजित 19 के सैंपलों की जांच करवा रही है।) इन अस्पतालों में 13 निजी और दस सरकारी अस्पतालों में शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोविंद 19 सैंपल की जांच में देरी के कारण सरकार ने सैंपल की जांच नोएडा स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल्स (एनआईबी) में करवाने पर पहले ही रोक लगा दी है।

हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि को विभाजित 19 की टेस्ट रिपोर्ट 48 घंटे या उससे पहले उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करेगा। पीठ ने सरकार को निर्देश दिया कि जिन टेस्टिंग रिलायंस को को लाभांश 19 के नमूनों की जांच के लिए दिए जा रहे हैं, उन्हें रिपोर्ट दिए गए समय में प्राप्त की जाएगी। पीठ ने यह निर्देश एक जनहित याचिका का निपटारा करते हुए दिया।

न्यायमूर्ति म कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह अपनी वेबसाइट को लगातार अपडेट करवाए और राजधानी में हो रहे हैं विभाजित 19 के टेस्ट की संख्या वहाँ बताई जाए। यह भी बताता है कि कैसे लोगों के टेस्ट हुए और उनमें से लोग कोरोना पॉजिटिव और निगेटिव पाए गए। इसके साथ यह जानकारी भी दी जाए कि कैसे टेस्ट की रिपोर्ट आनी बाकी है। जिन अस्पतालों में कोरोना मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करवाई जा रही है, उन्हें निर्देश दें कि 24 से 48 घंटे के भीतर टेस्ट रिपोर्ट तैयार करके दें।

याचिका पर सुनवाई के दौरान याची ने दावा किया कि दिल्ली सरकार या केंद्र सरकार में से कोई भी विभाजित होकर 19 के शक्तियां के टेस्ट की रिपोर्ट में 48 घंटे के भीतर प्राप्त करने के लिए कोई उचित कदम नहीं उठा रहे हैं। /ची ने कहा कि टेस्ट रिपोर्ट मिलने में हो रही देरी से कोरोनाटेन्स की संख्या में एक साथ कई गुना इजाफा होगा। इससे कोरोना मरीजों के इलाज के प्रयासों पर पानी फिर से लग सकता है। वहीं दिल्ली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के वेब हैंडल पर भी कोरोना मामलों की सटीक और नवीनतम जानकारी उपलब्ध नहीं है।

दिल्ली सरकार की ओर से पेश वकील सत्यद ने पीठ को बताया कि सरकार 23 अरब में को विभाजित 19 के सैंपलों की जांच करवा रही है।) इन अस्पतालों में 13 निजी और दस सरकारी अस्पतालों में शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोविद 19 सैंपल की जांच में देरी के कारण सरकार ने सैंपल की जांच नोएडा स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल्स (एनआईबी) में करवाने पर पहले ही रोक लगा दी है।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

%d bloggers like this: