• डब्लूएचओ के इमरजेंसी डायरेक्टर माइकल रैयान ने कहा- वायरस के वुहान के जापानी में बनने से जुड़ा कोई सबूत या डेटा नहीं मिला
  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कोरोनावायरस के वुहान के जापान में तैयार होने का दावा किया है

दैनिक भास्कर

05 मई, 2020, 12:03 PM IST

वॉशिंगटन। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने अमेरिका के उस दावे पर सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोरोना महामारी चीन के वुहान उद्योग से फैली है। डब्लूएचओ के इमर्जेंसी डायरेक्टर माइकल रैयान ने सोमवार को कहा कि वायरस के वुहान के जापान में बनने से जुड़ा कोई सबूत या डेटा नहीं मिला है। हमारी गणना से यह केवल एक कल्पना है। डब्लूएचओ इससे पहले भी संक्रमण से निपटने के लिए चीन की तारीफ कर चुका है। ट्रम्प प्रशासन ने हाल के दिनों में संक्रमण को लेकर चीन पर हमले तेज कर दिए हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अलावा विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भी कहा था कि यह वायरस वुहान के जापान में बना है और वहां से फैला है। इसके पास इसके प्रमाण हैं। अमेरिकी गृह विभाग की खुफिया रिपोर्ट में भी चीन के वायरस से जुड़ी जानकारी छिपाने की बात सामने आई है।

वायरस अमेरिका और चीन आमने-सामने

  • दुनिया में कोरोना से अमेरिका सबसे ज्यादा प्रभावित है। देश में अब तक संक्रमण के आंकड़े 12 लाख से ज्यादा हो चुके हैं और 69 हजार से ज्यादा मौतें हुई हैं। यही कारण है कि अमेरिका पर भारी दबाव है। अमेरिका ने पहले चीन के उस दावे को नकारा था, जिसमें कहा गया था कि कोरोना चीन के वाइल्डलाइफ मार्केट से बाहर हो गया है।
  • बाद में चीन का आरोप था कि यूएस मिलिट्री ने चीन को इस वायरस को पहुंचाया था। उधर, कुछ दिन पहले ट्रम्प ने कहा था कि हम दुनिया के सामने कोरोना का सच लेकर आएंगे।
  • अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से भी नाराजगी जताई थी। कहा था कि डब्ल्यूएचओ ने चीन का फेवर किया और दुनिया को सही बदलाव नहीं दीं।

ट्रम्प ने डब्ल्यूएचओ की फंडिंग पर बीमारी लगाई थी
अमेरिका WHOO पर चीन की तरफदारी करने का आरोप लगाया गया है। ट्रम्प ने कहा था कि डब्ल्यूएचओ को खुद के लिए शर्मिंदा होना चाहिए, क्योंकि उसने चीन के लिए एक जनसंपर्क एजेंसी की तरह काम किया है। दरअसल, ट्रम्प प्रशासन ने कोरोना को लेकर डब्ल्यूएचओ की भूमिका की जांच शुरू की है। साथ ही उसकी फंडिंग भी अस्थायी तौर पर रोक दी गई है।

कोरोना पर अमेरिका में ही विरोधाभास
यूएस इंटेलीजेंस कम्युनिटी ने इस सप्ताह कहा था कि कोरोनावायरस मानव निर्मित नहीं है। कम्युनिटी ने बताया था कि मौजूदा सबूतों और वैज्ञानिक सहमति से हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि किसी भी जापान में जेनेटिक मॉडिफिकेशन से भी यह नहीं बनाया गया है। इसे न इंसानों ने बनाया है और न इसे डिजाइन किया गया है। फिर भी हम लगातार ध्यान से जांच कर रहे हैं और हर एंगल को देख रहे हैं।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

%d bloggers like this: