न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जे
अद्यतित मंगल, 05 मई 2020 12:26 पूर्वाह्न IST

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कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते अमरनाथ यात्रियों का पंजीकरण का फिर विरोध होना तय है। यह तीसरा मौका होगा, जब यात्री पंजीकरण रद्द करेगा। अमरनाथ यात्रा पर भी संशय बना हुआ है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से यात्री पंजीकरण को सुरक्षित करने की अंतिम तिथि 4 मई थी लेकिन बोर्ड की ओर से सोमवार देर शाम तक बोर्ड की वेबसाइट पर नई तिथि की घोषणा नहीं की गई। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार पंजीकरण तिथि पर मंगलवार दोपहर तक निर्णय किया जाएगा।

इससे पहले बोर्ड की ओर से लॉकडाउन के कारण यात्री पंजीकरण 15 अप्रैल तक सुरक्षित किया गया था। बाद में फिर से लॉकडाउन के कारण इसे 4 मई तक सुरक्षित किया गया था। केंद्र सरकार की ओर से अब लॉकडाउन 17 मई तक कर दिया गया है। इस कारण बैंकों में यात्री पंजीकरण संभव नहीं होगा। आधिकारिक तौर पर यात्री पंजीकरण को एक अप्रैल को शुरू किया जाना था।

हालांकि हाल ही में उपराज्यपाल की बैठक में हुई बोर्ड की बैठक में पहले यात्रा को रद्द करने की घोषणा की गई थी। एक घंटे बाद बोर्ड ने फैसला वापस ले लिया कि इसे भविष्य की परिस्थितियों की समीक्षा के बाद इस पर निर्णय के लिए कहा गया था।

सार

– अंतिम दिन बोर्ड ने कोई सूचना जारी नहीं की
– पहले दो बार विज्ञापन की जा चुकी है पंजीकरण तिथि

विस्तार

कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते अमरनाथ यात्रियों का पंजीकरण का फिर विरोध होना तय है। यह तीसरा मौका होगा, जब यात्री पंजीकरण रद्द करेगा। अमरनाथ यात्रा पर भी संशय बना हुआ है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से यात्री पंजीकरण को सुरक्षित करने की अंतिम तिथि 4 मई थी लेकिन बोर्ड की ओर से सोमवार देर शाम तक बोर्ड की वेबसाइट पर नई तिथि की घोषणा नहीं की गई। बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार पंजीकरण तिथि पर मंगलवार दोपहर तक निर्णय किया जाएगा।

इससे पहले बोर्ड की ओर से लॉकडाउन के कारण यात्री पंजीकरण 15 अप्रैल तक सुरक्षित किया गया था। बाद में फिर से लॉकडाउन के कारण इसे 4 मई तक सुरक्षित किया गया था। केंद्र सरकार की ओर से अब लॉकडाउन 17 मई तक कर दिया गया है। इस कारण बैंकों में यात्री पंजीकरण संभव नहीं होगा। आधिकारिक तौर पर यात्री पंजीकरण को एक अप्रैल को शुरू किया जाना था।

हालांकि हाल ही में उपराज्यपाल की बैठक में हुई बोर्ड की बैठक में पहले यात्रा को रद्द करने की घोषणा की गई थी। एक घंटे बाद बोर्ड ने फैसला वापस ले लिया कि इसे भविष्य की परिस्थितियों की समीक्षा के बाद इस पर निर्णय के लिए कहा गया था।





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