भारतीय रेलवे लॉकडाउन को पूर्ण लंबित निर्माण, रखरखाव कार्य के लिए उपयोग करता है – रेलवे ने लॉकडाउन को भुनाया, 12 हजार किमी की दूरी पर काटनियां, अल लकड़ी के स्लीपर।

Bytechkibaat7

May 4, 2020 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 04 मई 2020 10:30 AM IST

ख़बर सुनता है

देश में वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के प्रसार पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन लागू किया है। इस दौरान रेल और हवाई यातायात सेवाओं पर रोक लग गई है। वहीं, भारतीय रेलवे ने लॉकडाउन के 40 दिनों का फायदा मेंटिनेंस द्वारा उठाया है।

लॉकडाउन के 40 दिनों के दौरान रेलवे ने 50 साल पुरानी लकड़ी के सीजर क्रॉस ओवर (ट्रक के नीचे लगने वाले स्लीपर) को घुमा दिया तो कहीं सालों से बंद 100 साल पुराना मैदान तोड़ा। मेंटिनेंस के दौरान रेलवे ने आधिकारिक रूप में लगभग 705 घंटे का ब्लॉक भी लिया।

रेलवे ने बताया कि यात्री सेवाओं के निलंबन की अवधि का इस्तेमाल रेल नेटवर्क पर लंबे समय से अटके पड़े मरम्मत के काम को पूरा करने में गया है। सुरक्षा की मरम्मत से सुरक्षा बेहतर होगी और परिचालन की क्षमता बढ़ेगी। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी भी खत्म हो जाएगी। मंत्रालय ने बताया कि ये कार्य कई वर्षों से लंबित थे और उनके कारण रेलवे को गंभीर अड़चनों का सामना करना पड़ रहा था।

मंत्रालय ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान लगभग 500 आधुनिक हेवी ड्यूटी की मरम्मत करने वाली मशीनों ने 12,270 किलोमीटर लंबी लंबी दूरी पर मरम्मत का काम पूरा किया। इसने कहा कि भारतीय रेलवे ने लॉकडाउन की अवधि के दौरान यह सोचकर इस कार्य को करने की योजना बनाई कि मरम्मत के काम को पूरा करने का यह अच्छा अवसर है और इसमें ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित नहीं होंगी।

रेलवे ने तेलंगाना में 1970 में लगाई गई लकड़ी का सीजर क्रॉस ओवर बदला। इसके लिए 72 घंटे का ब्लॉक लेना पड़ा। इसके अलावा आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में 24 घंटे का ब्लॉक लेकर की क्रॉसिंग में लकड़ी के स्लीपर बदल गए। वहीं, चेन्नई रेलवे स्टेशन के पास अतिरिक्त आरओबी को बचाया गया है। इसके नीचे से आठ पटरियां गुजर रही हैं। साथ ही कई स्थानों पर ब्रिज का काम किया जा रहा है।

अधिकारियों ने कहा कि बचाने के साथ-साथ 17 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। रेलवे के 167 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि ट्रेनों का संचालन इतने लंबे समय के लिए बंद किया गया। हालांकि, आवश्यक चीजों की ढुलाई के लिए लगभग तीन हजार मालगाड़ियों का संचालन हो रहा है। रेलवे द्वारा किए गए इनटिनेंस से कई रूटों पर ट्रेनों की रफ्तार में तेजी से आगी और ट्रेनें भी दुरस्त हो जाएंगी।

देश में वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के प्रसार पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने लॉकडाउन लागू किया है। इस दौरान रेल और हवाई यातायात सेवाओं पर रोक लग गई है। वहीं, भारतीय रेलवे ने लॉकडाउन के 40 दिनों का फायदा मेंटिनेंस द्वारा उठाया है।

लॉकडाउन के 40 दिनों के दौरान रेलवे ने 50 साल पुरानी लकड़ी के सीजर क्रॉस ओवर (ट्रक के नीचे लगने वाले स्लीपर) को घुमा दिया तो कहीं सालों से बंद 100 साल पुराना मैदान तोड़ा। मेंटिनेंस के दौरान रेलवे ने आधिकारिक रूप में लगभग 705 घंटे का ब्लॉक भी लिया।

रेलवे ने बताया कि यात्री सेवाओं के निलंबन की अवधि का इस्तेमाल रेल नेटवर्क पर लंबे समय से अटके पड़े मरम्मत के काम को पूरा करने में गया है। सुरक्षा की मरम्मत से सुरक्षा बेहतर होगी और परिचालन की क्षमता बढ़ेगी। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी भी खत्म हो जाएगी। मंत्रालय ने बताया कि ये कार्य कई वर्षों से लंबित थे और उनके कारण रेलवे को गंभीर अड़चनों का सामना करना पड़ रहा था।

मंत्रालय ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान लगभग 500 आधुनिक हेवी ड्यूटी की मरम्मत करने वाली मशीनों ने 12,270 किलोमीटर लंबी लंबी दूरी पर मरम्मत का काम पूरा किया। इसने कहा कि भारतीय रेलवे ने लॉकडाउन की अवधि के दौरान यह सोचकर इस कार्य को करने की योजना बनाई कि मरम्मत के काम को पूरा करने का यह अच्छा अवसर है और इसमें ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित नहीं होंगी।

रेलवे ने तेलंगाना में 1970 में लगाई गई लकड़ी का सीजर क्रॉस ओवर बदला। इसके लिए 72 घंटे का ब्लॉक लेना पड़ा। इसके अलावा आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा में 24 घंटे का ब्लॉक लेकर की क्रॉसिंग में लकड़ी के स्लीपर बदल गए। वहीं, चेन्नई रेलवे स्टेशन के पास अतिरिक्त आरओबी को बचाया गया है। इसके नीचे से आठ पटरियां गुजर रही हैं। साथ ही कई स्थानों पर ब्रिज का काम किया जा रहा है।

अधिकारियों ने कहा कि बचाने के साथ-साथ 17 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। रेलवे के 167 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि ट्रेनों का संचालन इतने लंबे समय के लिए बंद किया गया। हालांकि, आवश्यक चीजों की ढुलाई के लिए लगभग तीन हजार मालगाड़ियों का संचालन हो रहा है। रेलवे द्वारा किए गए इनटिनेंस से कई रूटों पर ट्रेनों की रफ्तार में तेजी से आगी और ट्रेनें भी दुरस्त हो जाएंगी।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: