• कानून मंत्री कोयन गिंस वीडियो में कभी सिर पर तो कभी आंखों पर पहनने के नजरिए आए
  • उन्हें सुरक्षा उपकरणों सहित देश के भर में आपूर्ति की निगरानी का काम दिया गया है

दैनिक भास्कर

04 मई, 2020, 02:35 अपराह्न IST

ब्रसेल्स। बेल्जियम के प्रधानमंत्री कोायन गिंस का चेहरा पहनने की कोशिश करते एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे कोरोना से बचने के लिए पहने जाने की कोशिश करते हैं। वीडियो में गिंसर कभी सिर पर तो कभी आंखों के ऊपर पहन रहे हैं। दो-तीन बार कोशिश के बाद भी वे सफल नहीं पाए गए। इसके सोशल मीडिया पर यूजर्स ने खूब मजाक उड़ाया। हालांकि, हैरी अपर्टर की लेखिका जेके रोलिंग ने उनका बचाव किया है।

वर्तमान में, गिंस को कानून मंत्री के साथ ही मुखौटा सहित उभयलिंगी उपकरणों की देश भर में आपूर्ति की निगरानी का काम दिया गया है। इसी को लेकर 30 अप्रैल को वे एक वर्कशॉप गए थे, जहाँ फ़ैक्स और अन्य सुरक्षा उपकरण तैयार किए जाते हैं। यहीं वे कपड़े पहनने की कोशिश करते नजर आए थे।

सोशल मीडिया पर एक यूजर्स ने लिखा था- बेल्जियम कोरोनावायरस से ऐसे निपट रहा है।

ब्रिटेन की पूर्व विशेष सलाहकार लौरा राउंड ने ट्वीट किया- इस बीच बेल्जियम में उनके उप प्रधानमंत्री को ऐसी स्थिति से जूझना पड़ा।

जेके रैलिंग ने मंत्री का बचाव करते हुए ट्वीट किया- मैं उनका मजाक नहीं उड़ा सकता। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसा मेरे साथ होता है। खासकर जब फिल्म की शूटिंग हो रही हो। वहीं, गिंस ने समर्थन के लिए रॉलिंग को धन्यवाद भी दिया।

लगभग 50 हजार का ट्रांसफर मामला

बेल्जियम में संक्रमण के अब तक 49 हजार 906 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 7844 लोगों की मौत हो चुकी है। देश में लॉकडाउन तीन मई को खत्म हो गया। सोमवार से यहां प्रतिबंधों को रद्द कर दिया जाएगा। कुछ दिनों पहले बेल्जियम के प्रधान सोफी विल्मेस ने कहा था कि देश इस सप्ताह के बाद से लॉकडाउन से बाहर निकलने के पहले चरण की शुरुआत करेगा।

द.अफ्रीका के राष्ट्रपति का भी वीडियो वायरल हुआ था

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति साइरिल रामफोसा का भी वर्क पहनने की असफल कोशिश करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वे बार-बार कोशिश के बावजूद चेहरे पहनने में कामयाब नहीं हो पाए। दरअसल, कुछ दिनों पहले रामफोसा ने अपने भाषण में लोगों को घर में रहने और बाहर निकलने पर वर्क पहनने की सलाह दी थी। भाषण के अंत में वे लोगों को स्पष्ट पहनकर दिखाना चाहते थे, लेकिन साइज छोटा होने के कारण वह उनके कानों से बार-बार जा रहा था। रामफोसा ने इसे मुंह की जगह आँखों पर बांधने की कोशिश भी की, लेकिन नाकाम कैंसर रहा।





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