• लॉकडाउन के चलते एयरलाइन कंपनियों को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
  • एयरलाइंस कंपनियों कर्नलशिपियों के वेतन में कटौती कर रही हैं।

दैनिक भास्कर

04 मई, 2020, 07:23 बजे IST

नई दिल्ली। नई दिल्ली .. कोरोनावायरस की वजह से एविशन सेक्टर को निकास झटका लगा है। कईलाइन कंपनियों को सैलरी तक देने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच एक राहत एक भयानक खबर है कि एयरलाइन कंपनी गोएयर ने अपने 40 प्रति कर्मचारियों की सैलरी होगी, बाकी कर्मचारियों की सैलरी ग्रेड और डिफर्ड (देरी से या थोड़ा-थोड़ा करके भुगतान) के आधार पर दी जाएगी। इस बात की जानकारी कंपनी की प्रमोटर नुस्ली वाडिया और जेह वाडिया ने अपने कर्मचारियों को लिखी एक चिट्ठी दी। कंपनी में 40 प्रति कर्मचारी का मतलब 2,500 कर्मचारी को सैलरी दी गई है।

नौकरी से किसी भी कर्मचारी को नहीं हटाया गया है

प्रमोटरों ने बताया कि कोरोनावायरस की वजह से परिस्थितियाँ बिगड़ने परलाइन कंपनी को बिना वेतन के अस्थाई छुट्टी पर कर्मचारियों के एक बड़े हिस्से को भेजने के लिए मजबूर होना पड़ा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कंपनी से किसी भी कर्मचारी को नौकरी से निकाला नहीं गया है। वहीं कंपनी के बोर्ड, चेयरमैन और एमडी ने कोई वेतन नहीं लिया। बता दें कि नुस्ली वाडियालाइन कंपनी की चेयरमैन हैं। उनके बेटे जेएच में बोर्ड में शामिल हैं और विनय दुबे कंपनी के सीईओ हैं।

कंपनी को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है

मार्च में लॉकडाउन घोषित किए जाने से कई एयरलाइंस कंपनियों के विमान मैदान पर उतर गए हैं, लिहाजा उन्हें वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।) कठिनाई के इस दौर में गोएयर भी शामिल है। लॉकडाउन 3 शुरू हो गया है, हालांकि इसमें कई तरह की ढील दी गई है, लेकिन अभी भी बंद है। सरकार ने साफ तौर पर कहा कि जब उड़ानें शुरू होंगी तो उसका पहला संकेत दिया जाएगा। इसलिए वे टिकटों की बुकिंग कर सकते हैं। बिना बुकिंग के टिकट रद्द करने और टिकटों के रिफंड देने के कारण एयरालिएंस कंपनियों में काफी दबाव है, लिहाजा एयरलाइंस कंपनियों कर्नल स्ट्रॉनिक्स के वेतन में कटौती कर रही हैं।

वित्तीय सहायता के लिए एविएशन मिनिस्ट्री और सरकार से संपर्क बनाए हुए हैं

कर्मचारियों को बिना वेतन के छुट्टी पर भेज रहे हैं साथ ही कुछ एयरलाइंस कंपनियों ने विदेशी पायलटों को भी जाने दिया है। प्रमोटरों ने बताया कि वे वित्तीय सहायता के लिए एविएशन मिनिस्ट्री और सरकार से संपर्क बनाए हुए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। ग्लोबल लेवल पर अगर देखें तो तकरीबन सभी सरकारें अपने यहाँ एयरलाइंस कंपनियों को वित्तीय सहायता करती हैं।

लाकडाउन के दौरे की कमाई शून्य हो गई है

वाडिया ने कहा कि हम भारतीय बैंकिंग प्रणाली से वित्तीय सहायता के लिए अनुरोध कर रहे हैं, लेकिन अभी तक वे इस नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं कि वे आरबीआई की सलाह के बावजूद कंपनियों को कुछ आर्थिक सहायता कैसे करें। वित्तीय परेशानियों को बताते हुए प्रमोटरों ने कहा कि एयरलाइन के पास मार्च के पहले 17 से 24 दिनों में कुछ कमाई हुई थी, लेकिन इसके बाद कमाई शून्य हो गई है।





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