रिपोर्टर डेस्क, अमर उजाला, पटना
Updated Mon, 04 मई 2020 01:55 PM IST

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य वापस जाने वाले मजदूर और छात्रों के रेल टिकट का खर्चा उठाने का एलान किया है। साथ में नीतीश ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि हम केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हैं कि जिन्होंने हमारा सुझाव माना है। हमने पहले ही कहा था कि ट्रेन से ही आने पर बाहर से फंसे लोगों की समस्या का समाधान हो सकता है। एक वीडियो संदेश में सीएम नीतीश ने साफ किया कि बाहर से आ रहे छात्रों को रेल का भाड़ा नहीं देना है, बल्कि राज्य सरकार रेलवे को पैसा दे रही है।

उन्होंने कहा कि बिहार लौटने वालों में से किसी को भी टिकट के पैसे नहीं देने होंगे। उनके लिए यहां एक क्वारंटीन केंद्र स्थापित किया गया है। सभी लोग 21 दिन क्वारंटीन रहेंगे उसके बाद उन्हें बिहार सरकार की तरफ से न्यूनतम एक हजार रुपये प्रति व्यक्ति दिए जाएंगे। इस योजना के तहत राज्य में 19 लाख लोगों को पहले ही 1000 रुपये दिए जा चुके हैं।

नीतीश ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि हम लोगों के हित में काम कर रहे हैं लेकिन लोगों की बयानबाजी के कारण मैंने सोचा कि मैं ही इस विषय में सभी को बता दूं। नीतीश ने कहा कि कोटा से आने वाले छात्रों से रेल की सुविधा शुरू की गई है और ये लगातार जारी भी है। नीतीश ने कहा कि हमारी सरकार का विश्वास काम करने में न ही केवल बातें और आरोप-प्रत्यारोप में है। सीएम ने बाहर से आ रहे लोगों से अपील की और कहा कि केंद्र सरकार ने जो गाइडलाइन बनाई है, उसके तहत ही बाहर से फंसे बिहार आएंगे।

बिहार में अब तक कोरोना के 503 मामले
बिहार में कोरोनावायरसिटेन्स की संख्या 503 तक पहुंच गई है। प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) संजय कुमार ने कहा कि चार नए मामलों में कटिहार से एक, बक्सर से दो और कैमूर से एक मामला आया। कटिहार जिले में 30 वर्षीय महिलाएं मिलीं जबकि बक्सर जिले में एक 22 वर्षीय युवक और एक डेढ़ वर्षीय बच्ची में वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। कैमूर जिले में 45 वर्षीय व्यक्तिचारी पाया गया।

कुमार ने कहा कि राज्य में 117 मरीज ठीक हो चुके हैं जबकि चार मरीजों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 364 मरीज अब भी संक्रमण की चपेट में हैं। वहीं, अब तक राज्य में 27,738 मामलों की जांच की जा चुकी है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य वापस जाने वाले मजदूर और छात्रों के रेल टिकट का खर्चा उठाने का एलान किया है। साथ में नीतीश ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि हम केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हैं कि जिन्होंने हमारा सुझाव माना है। हमने पहले ही कहा था कि ट्रेन से ही आने पर बाहर से फंसे लोगों की समस्या का समाधान हो सकता है। एक वीडियो संदेश में सीएम नीतीश ने साफ किया कि बाहर से आ रहे छात्रों को रेल का भाड़ा नहीं देना है, बल्कि राज्य सरकार रेलवे को पैसा दे रही है।

उन्होंने कहा कि बिहार लौटने वालों में से किसी को भी टिकट के पैसे नहीं देने होंगे। उनके लिए यहां एक क्वारंटीन केंद्र स्थापित किया गया है। सभी लोग 21 दिन क्वारंटीन रहेंगे उसके बाद उन्हें बिहार सरकार की तरफ से न्यूनतम एक हजार रुपये प्रति व्यक्ति दिए जाएंगे। इस योजना के तहत राज्य में 19 लाख लोगों को पहले ही 1000 रुपये दिए जा चुके हैं।

नीतीश ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि हम लोगों के हित में काम कर रहे हैं लेकिन लोगों की बयानबाजी के कारण मैंने सोचा कि मैं ही इस विषय में सभी को बता दूं। नीतीश ने कहा कि कोटा से आने वाले छात्रों से रेल की सुविधा शुरू की गई है और ये लगातार जारी भी है। नीतीश ने कहा कि हमारी सरकार का विश्वास काम करने में न ही केवल बातें और आरोप-प्रत्यारोप में है। सीएम ने बाहर से आ रहे लोगों से अपील की और कहा कि केंद्र सरकार ने जो गाइडलाइन बनाई है, उसके तहत ही बाहर से फंसे बिहार आएंगे।

बिहार में अब तक कोरोना के 503 मामले
बिहार में कोरोनावायरसिटेन्स की संख्या 503 तक पहुंच गई है। प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) संजय कुमार ने कहा कि चार नए मामलों में कटिहार से एक, बक्सर से दो और कैमूर से एक मामला आया। कटिहार जिले में 30 वर्षीय महिलाएं मिलीं जबकि बक्सर जिले में एक 22 वर्षीय युवक और एक डेढ़ वर्षीय बच्ची में वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। कैमूर जिले में 45 वर्षीय व्यक्तिचारी पाया गया।

कुमार ने कहा कि राज्य में 117 मरीज ठीक हो चुके हैं जबकि चार मरीजों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 364 मरीज अब भी संक्रमण की चपेट में हैं। वहीं, अब तक राज्य में 27,738 मामलों की जांच की जा चुकी है।





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