रिपोर्टर डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
अपडेटेड सन, 03 मई 2020 04:57 पूर्वाह्न IST

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विवादित तब्लीगी जमात के सदस्यों को लेकर ट्वीट करने वाले आईएएस अधिकारी को कर्नाटक सरकार ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शुक्रवार को जारी नोटिस में उन्हें 5 दिन में लिखित जवाब देने को कहा गया है। शनिवार को नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन ने कहा कि वे नियमों के हिसाब से जल्द ही इसका जवाब देंगे। मोहसिन ने ट्वीट के जरिये कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने वाले जमाकर्ताओं द्वारा दूसरे मरीजों के इलाज के लिए प्लॉनेट डोनेट करने की तारीफ की थी।

आईएएस अधिकारी मोहसिन ने शनिवार को कहा, हां, मुझे नोटिस मिला है और मैं जल्द ही नियमों के तहत इसका जवाब दूंगा। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि मैंने केवल एक निजी न्यूज चैनल की खबर शेयर की थी। मुझे पता नहीं है कि इस ट्वीट पर इतना हंगामा क्यों मचा हुआ है। जब उन्हें इस हंगामे के पीछे किसी साजिश की संभावना के बारे में पूछा गया तो मोहसिन ने महज इतना कहा, आप हर समय सभी को खुश नहीं कर सकते। कर्नाटक कैडर के 1996 सलाखों के आईएएस अधिकारी मोहसिन मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। वे वर्तमान में कर्नाटक सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में सचिव पद पर तैनात हैं।

ट्वीट में जमाती को बताए थे, मीडिया पर साधा को निशाना बनाया गया था

दरअसल मोहसिन ने 27 अप्रैल को ट्वीट में लिखा था कि 300 से ज्यादा तब्लीगीटेक अकेले नई दिल्ली में देश की सेवा के लिए अपना प्लॉट डोनेट कर रहे हैं। इस बारे में क्या? गोवडी मीडिया? वे इन नायकों के किए गए मानवता के कार्यों को नहीं दिखाएंगे। सरकार ने उनके ट्वीट को अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम -1968 का उल्लंघन मानते हुए लिखित जवाब मांगा है।

चुनावों में पीएम के हेलिकॉप्टर की तलाशी पर हो गए निलंबित
यह पहली बार नहीं है, जब आईएएस मोहसिन किसी विवाद में फंसे हैं। पिछले साल अप्रैल में उन्हें लोकसभा चुनाव के दौरान ओडिशा में चुनावी सभा के लिए पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलिकॉप्टर की तलाशी प्रदान के लिए निलंबित कर दिया गया था। पोल ऑब्जर्वर के तौर पर तैनात मोहसिन को चुनाव आयोग ने निलंबित कर दिया था।

विवादित तब्लीगी जमात के सदस्यों को लेकर ट्वीट करने वाले आईएएस अधिकारी को कर्नाटक सरकार ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शुक्रवार को जारी नोटिस में उन्हें 5 दिन में लिखित जवाब देने को कहा गया है। शनिवार को नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन ने कहा कि वे नियमों के हिसाब से जल्द ही इसका जवाब देंगे। मोहसिन ने ट्वीट के जरिये कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने वाले जमाकर्ताओं द्वारा दूसरे मरीजों के इलाज के लिए प्लॉनेट डोनेट करने की तारीफ की थी।

आईएएस अधिकारी मोहसिन ने शनिवार को कहा, हां, मुझे नोटिस मिला है और मैं जल्द ही नियमों के तहत इसका जवाब दूंगा। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि मैंने केवल एक निजी न्यूज चैनल की खबर शेयर की थी। मुझे पता नहीं है कि इस ट्वीट पर इतना हंगामा क्यों मचा हुआ है। जब उन्हें इस हंगामे के पीछे किसी साजिश की संभावना के बारे में पूछा गया तो मोहसिन ने महज इतना कहा, आप हर समय सभी को खुश नहीं कर सकते। कर्नाटक कैडर के 1996 सलाखों के आईएएस अधिकारी मोहसिन मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। वे वर्तमान में कर्नाटक सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में सचिव पद पर तैनात हैं।





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