कांग्रेस नेता कमलनाथ (फाइल फोटो)
– फोटो: फेसबुक

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मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार को आरोप लगाया कि कोरोनावायरस से हानिकारक लोगों की संख्या कम दिखाने के लिए प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान नीत भाजपा सरकार कोरोना के कम जांच करवा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कोरोनावेश के लिए किए जा रहे प्रयास पर्याप्त नहीं हैं।

कमलनाथ ने वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘मध्य प्रदेश में कोरोना के हस्तक्षेप के लिए किए जा रहे प्रयास पर्याप्त नहीं हैं।’

उन्होंने चौहान नीत भाजपा सरकार पर कोरोना प्रसार रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘कौन से कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोनावायरस की जांच हो रही है? जांच कम की जा रही है, जिससे स्पष्ट व्यक्ति कम मिलें। कोरोना जांच को दबाया जा रहा है। केवल (बड़े शहरों) भोपाल, इंदौर, जबलपुर और बड़े-बड़े शहरों और गिने चुने जिलों के नमूनोंलियों में जो भी बीमार हो गए उसकी जांच कराई जा रही है। कौन सी सी ने जांच की सभी जिलों में हो रही है? ‘

उन्होंने कहा कि आज कस्बों और गांवों के लोगों की कोरोना की जांच का प्रश्न है। 20 मार्च को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले कमलनाथ ने दावा किया कि यदि उनकी सरकार होती तो कोरोना से बेहतर तरीके से निपटा जाता, जिले-जिले की जांच किट भेजी जाती।

उन्होंने कहा कि आज जो मजदूर संक्रमण के बारे में गांव-गांव में जा रहे हैं, उनका क्या होगा? कमलनाथ ने कहा, ‘आज शिवराज चिल्ला-चिल्ला कर कहते हैं कि हमने (पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार) क्या किया? मेरी तत्कालीन सरकार ने 28 जनवरी को कोरोना की तैयारी शुरू की थी। शिवराज सिंह चौहान तब इस तैयारी के लिए मजाक उड़ाते थे। ‘

उन्होंने कहा, ‘जब कोरोना महामारी घोषित नहीं हुई थी, तब शिवराज कोरोना का मजाक उड़ाया करते थे और मेरी सरकार को गिराने में लगे थे।’ कोविद -19 लॉकडाउन के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था चौपट होने और नौजवानों की बेरोजगारी की चुनौती का जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य सरकार से प्रदेश के सभी लोगों की तीन महीने का बिजली-पानी का बिल माफ करने, नगर निगम और अन्य प्रकार के कर, छोटे व्यापारियों का एक करोड़ रुपए तक का कर्ज माफ करने की मांग की है।

कमलनाथ ने कहा, ‘मैंने अखबारों में पढ़ाया है कि मध्य प्रदेश में राशन की दुकानों में राशन नहीं है और चार मई से शराब की दुकानों खुलने वाली हैं। राशन की दुकानों में नहीं जा रही फाउंड्री और शराब की दुकानों में पाए जाने वाले, इसकी मुझे बड़ी चिंता है। ‘

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार को आरोप लगाया कि कोरोनावायरस से हानिकारक लोगों की संख्या कम दिखाने के लिए प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान नीत भाजपा सरकार कोरोना के कम जांच करवा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कोरोनावेश के लिए किए जा रहे प्रयास पर्याप्त नहीं हैं।

कमलनाथ ने वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘मध्य प्रदेश में कोरोना के हस्तक्षेप के लिए किए जा रहे प्रयास पर्याप्त नहीं हैं।’

उन्होंने चौहान नीत भाजपा सरकार पर कोरोना प्रसार रोकने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘कौन से कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोनावायरस की जांच हो रही है? जांच कम की जा रही है, जिससे स्पष्ट व्यक्ति कम मिलें। कोरोना जांच को दबाया जा रहा है। केवल (बड़े शहरों) भोपाल, इंदौर, जबलपुर और बड़े-बड़े शहरों और गिने चुने जिलों के नमूनोंलियों में जो भी बीमार हो गए उसकी जांच कराई जा रही है। कौन सी सी ने जांच की सभी जिलों में हो रही है? ‘

उन्होंने कहा कि आज कस्बों और गांवों के लोगों की कोरोना की जांच का प्रश्न है। 20 मार्च को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले कमलनाथ ने दावा किया कि यदि उनकी सरकार होती तो कोरोना से बेहतर तरीके से निपटा जाता, जिले-जिले की जांच किट भेजी जाती।

उन्होंने कहा कि आज जो मजदूर संक्रमण के बारे में गांव-गांव में जा रहे हैं, उनका क्या होगा? कमलनाथ ने कहा, ‘आज शिवराज चिल्ला-चिल्ला कर कहते हैं कि हमने (पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार) क्या किया? मेरी तत्कालीन सरकार ने 28 जनवरी को कोरोना की तैयारी शुरू की थी। शिवराज सिंह चौहान तब इस तैयारी के लिए मजाक उड़ाते थे। ‘

उन्होंने कहा, ‘जब कोरोना महामारी घोषित नहीं हुई थी, तब शिवराज कोरोना का मजाक उड़ाया करते थे और मेरी सरकार को गिराने में लगे थे।’ कोविद -19 लॉकडाउन के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था चौपट होने और नौजवानों की बेरोजगारी की चुनौती का जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य सरकार से प्रदेश के सभी लोगों की तीन महीने का बिजली-पानी का बिल माफ करने, नगर निगम और अन्य प्रकार के कर, छोटे व्यापारियों का एक करोड़ रुपए तक का कर्ज माफ करने की मांग की है।

कमलनाथ ने कहा, ‘मैंने अखबारों में पढ़ाया है कि मध्य प्रदेश में राशन की दुकानों में राशन नहीं है और चार मई से शराब की दुकानों खुलने वाली हैं। राशन की दुकानों में नहीं जा रही फाउंड्री और शराब की दुकानों में पाए जाने वाले, इसकी मुझे बड़ी चिंता है। ‘





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