• Google Play पर इस ऐप को अब तक 50 मिलियन से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है
  • ऑरेंज और ग्रीन ज़ोन में 100 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ दफ्तर खुलने की अनुमति है

दैनिक भास्कर

03 मई, 2020, दोपहर 12:40 बजे IST

नई दिल्ली। देशव्यापी लाॅकडाउन को एक बार फिर दो हफ्तों के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। शुक्रवार को एक घोषणा की गई और इसे 17 मई तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। साथ ही सरकार ने अब सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए कॉन्टैक्टिंग आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा यह ऐप को विभाजित -19 संस्करणमेंट ज़ोन में रहने वाले लोगों के लिए भी अनिवार्य कर दिया गया है।

50 मिलियन से अधिक बार किया जा चुका है डाउनलोड
सरकार ने अधिकारियों को कहा है कि वे ज़िश्तत करें कि ये ज़ोन में इस ऐप को सभी लोग इंस्टॉल करें। बता दें कि गूगल प्ले पर इस ऐप को अब तक 50 मिलियन से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है। गृह मंत्रालय ने अपने निर्देश में कहा, ‘निजी और सार्वजनिक दोनों सेक्टर के सभी कर्मचारियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाएगा। यह संबंधित संगठनों के प्रमुखों की ज़िम्मेदार सूची होगी कि वे अपने कर्मचारियों के बीच इस ऐप के 100 प्रतिशत कवरेज को सुनिश्चित करें। ‘

रेड ज़ोन के प्रमुख कार्यालय 33 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम कर रहे हैं
गाइडलाइन्स में एमएचए ने यह भी कहा है कि रेड जोन के प्राथमिक कार्यालय (आश्रय ज़ोन को छोड़कर) 33 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम कर रहे हैं। बचे हुए कर्मचारियों को घर से काम करना होगा। इसके अलावा ऑर्गन और ग्रीन ज़ोन में 100 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ दफ्तर खुलने की अनुमति है। लाल ज़ोन के सरकारी कार्यालय में सभी सीनियर अधिकारियों के साथ शेष 33 प्रतिशत कर्मचारी काम कर सकते हैं।

जानिए आरोग्य सेतु ऐप के बारे में ।।
सरकार का यह ऐप लोगों को कोरोनावायरस संक्रमण के खतरे और जोखिम का आकलन करने में मदद करता है। इटंडा और आईप दोनों तरह के शरमार्टऑ पर डाउनलोड किया जा सकता है। यह विशेष ऐप आसपास मौजूद मौजूद कोरोना पॉजिटिव लोगों के बारे में पता लगाने में मदद करेगा। आपके मोबाइल के ब्लूटूथ, स्थान और मोबाइल नंबर का उपयोग करके ऐसा किया जाता है।

आरोग्य सेतु ऐप का उपयोग कैसे करना है?
आरोग्य सेतु ऐप में एक चैटबॉट भी है, जिसमें उपयोगकर्ता को कोरोना महामारी से जुड़े सवालों के सही जवाब देते हैं। इसके माध्यम से न सिर्फ यूजर अपने अंदर कोरोना के लक्षणों की पहचान कर सकेगा बल्कि ऐप यह भी पता लगाता है कि जाने-अनजाने में यूजर किसी कोरोना संभावित व्यक्ति के संपर्क में तो नहीं आए। इसके आधार पर यह उपयोगकर्ता को अगला कदम उठाने की सलाह देता है। अगर यूजर ‘हाई रिस्क’ एरिया में हैं तो ऐप उसको कोरोनावायरस टेस्ट कराने, हेल्पलाइन पर फोन करने और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाने के लिए सलाह देता है। इसके लिए ऐप को कोरोना पीड़ितों के डेटाबेस से जोड़ा गया है, हालांकि यह धीरे-धीरे ऐप खुद का डेटाबेस भी तैयार करेगा। ऐप यूजर को इस महामारी से बचाने के टिप्स देती है लेकिन सकारात्मक पाया जाने पर सरकार तक जानकारी पहुंचती है।

11 भाषाएं
कोरोना ट्रैकर ऐप आरोग्य सेतु वर्तमान में 11 भाषाओं में काम कर रहा है। इसमें हिंदी और अंग्रेजी भी शामिल हैं। यह ब्लूटूथ और लोकेशन एक्सेसरी कर काम करता है। इसका उपयोग करने के लिए सबसे पहले उपयोगकर्ता को मोबाइल नंबर से ऐप में regord होना होगा। इसके बाद ऐप उपयोगकर्ता से कुछ निजी बदलावों की मांग जोकि ऑप्शनल है। प्राइवेसी के बात करें तो सरकार का दावा है कि ऐप पर सभी महत्वपूर्ण बदलाव इन स्वीकृत फॉर्म में स्टोर होंगे और किसी थर्ड पार्टी वेंडर के साथ उन्हें शेयर नहीं की जाएगी।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: