• अमेरिकी सेना के प्रवक्ता ने कहा- हिंसा को छोड़कर संयम का रास्ता पकड़ें, तभी शांति होगी
  • 29 फरवरी को अमेरिका और तालिबान में कतर की राजधानी दोहा में समझौते भी हुए थे

दैनिक भास्कर

03 मई, 2020, 03:21 PM IST

काबुल। अमेरिकी सेना ने तालिबान कोनिंग दी है कि अगर अफगानिस्तान में हिंसा कम नहीं की तो परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिकी सेना ने शनिवार को सभी दलों से राजनीतिक माध्यमों से विवादों को हल करने के लिए कहा है। अमेरिकी सेना के प्रवक्ता कर्नल सोनी लेगेट ने तालिबान के प्रवक्ता जबिहुल्ला मुजाहिद को दो पेज का लेटर भेजा है, जिसे इंटरनेट पर भी पोस्ट किया गया है।

अमेरिका ने कहा है कि सभी दलों को राजनीतिक समाधान के रास्ते पर चलना चाहिए, अफगान लोगों से देश के भविष्य पर चर्चा करने के लिए अपील करनी चाहिए। लेगेट ने अपने लेटर में लिखा, ेट को हिंसा को कम करना बेहद जरूरी है। यह सभी सैन्य वर्गों के प्रमुखों पर निर्भर है, इसमें अफगान नेशनल सिक्योरिटी फोर्सेस (एएनडीएफएफ), तालिबान फेक को अपनी तरफ से पहल करनी होगी। हमले से हमले ही पैदा होते हैं और संयम से संयम पैदा होता है। सभी पक्षों को संयम आपका करना होगा। हिंसा को रोकने का एक तरीका है। ” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कॉदिबन हिंसा नहीं छोड़ती तो उसका परिणाम भुगतना पड़ता।

कॉरीबन ने जवाब दिया
तालिबान के प्रवक्ता ने इस लेटर के जवाब दिया है। जब इहुल्ला ने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, ‘समाधान संघर्ष के समाधान का रास्ता दोहा में हुए समझौते को लागू करने में छिपा है।’ ’जबहीहुल्ला ने अमेरिका से वर्तमान स्थितियों को नुकसान न पहुंचाने के लिए भी कहा। 29 फरवरी को अमेरिका और तालिबान में कतर की राजधानी दोहा में एक समझौता हुआ था, इसके अनुसार 10 मार्च को एक तालिबान और अफगान सरकार की वार्ता शुरू होनी थी। हालांकि, यह वार्ता टल गई थी। क्योंकि तालिबान और अफगान सरकार में कैदियों को छोड़ने पर सहमति नहीं बन पाई थी।





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