साइबर चोरी के कई देशों में कोरोनावायरस अनुसंधान – चेतावनी: कोरोना शोध की साइबर चोरी की फिराक में कई देश

Bytechkibaat7

May 6, 2020 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,


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महामारी से जूझ रही दुनिया के लिए साइबर अपराधी मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देश जहां वायरस की काट पता करने में दिन रात एक किए हुए हैं। वहाँ कुछ देशों की सरकारों से चयनित साइबर हमलावार दवा कंपनियों, रिसर्च सेंटरों से परिचित सूचना चुराने की कोशिश करने लगे हैं।

भ्रम को भांपते हुए अमेरिका की साइबर सिक्योरिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (एसएसएसए) और विटेने के नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर (एनसीएससी) ने मंगलवार को समीक्षा जारी की है। एनसीएससी और एसएसएसए ने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि हैकर्स दवा कंपनियों और शोध संगठनों से कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी चुराने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि अमेरिकी व ब्रिटेन के अधिकारियों की मानें तो साइबर हमले की कोशिश चीन, ईरान और कुछ रूसी हैकरों की ओर से होने वाली आशंका है।) दोनों अधिकारियों की मानें तो इस मामले में तेहरान, बीजिंग और मॉस्को लगातार साइबर हमले की बात को नकार रहे हैं।

  • सामान्य पासवर्ड

हैकर सामान्य तरह के पासवर्ड का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे तकनीकी भाषा में इंग पासवर्ड स्प्रेइंग ’कहते हैं। पासवर्ड स्प्रे करने में एक साथ उन खातों को किराए करने की कोशिश होती है जिनका पासवर्ड एक होता है। कई बार हैकर काम के हिसाब से पासवर्ड का अनुमान लगाकर डेटा चोरी करने की कोशिश करते हैं।

  • वियतनामी हैकर्स ने चीन में की सेंधमारी की कोशिश की है

कोरोना से जुड़ी जानकारी चुराने के लिए वियतनाम के हैकरों ने चीन की उस रणनीति का पता लगाने की कोशिश की थी जिसके जरिए उसने कोरोना को नियंत्रित किया। इसके अलावा कुछ देशों के हैकर ने विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी डेटा चुराने की कोशिश की है लेकिन कामयाब नहीं हो पाए हैं।

  • ऑक्सापर्ड विश्वविद्यालय की सावधानी

कोरोना की वैक्सीन बनाने में सबसे आगे चल रही ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी पूरी तरह से सतर्क हो गई है। यूनिवर्सिटी ने एनसीएससी से साइबर सुरक्षा की गुहार लगाई है। इसके अलावा दूसरे अस्पताल और शोध संस्थानों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। साथ ही डेटा को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश का पालन करने को कहा गया है।

महामारी से जूझ रही दुनिया के लिए साइबर अपराधी मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देश जहां वायरस की काट पता करने में दिन रात एक किए हुए हैं। वहाँ कुछ देशों की सरकारों से चयनित साइबर हमलावार दवा कंपनियों, रिसर्च सेंटरों से परिचित सूचना चुराने की कोशिश करने लगे हैं।

भ्रम को भांपते हुए अमेरिका की साइबर सिक्योरिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (एसएसएसए) और विटेने के नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर (एनसीएससी) ने मंगलवार को समीक्षा जारी की है। एनसीएससी और एसएसएसए ने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि हैकर्स दवा कंपनियों और शोध संगठनों से कोरोना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी चुराने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि अमेरिकी व ब्रिटेन के अधिकारियों की मानें तो साइबर हमले की कोशिश चीन, ईरान और कुछ रूसी हैकरों की ओर से होने वाली आशंका है।) दोनों अधिकारियों की मानें तो इस मामले में तेहरान, बीजिंग और मॉस्को लगातार साइबर हमले की बात को नकार रहे हैं।

  • सामान्य पासवर्ड





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