चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (फाइल फोटो)
– फोटो: पीटीआई

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एकतरफ दुनिया महामारी पर चीन से मुआवजे को लेकर आवाज उठाने लगी है, वहीं साम्यवादी पार्टी ने देश में बढ़ती नाराजगी को विदेशी प्रयोगशाला करार दिया है। सिचिंग में 2008 में आए भूकंप में 69 हजार लोग मारे गए थे। तब सरकार ने उन अभिभावकों का मुंह बंद रखने के लिए मोटी रकम की पेशकश की जिनके बच्चे मारे गए थे।

वेनज़ोउ में 2011 में भीषण ट्रेन दुर्घटना हुई तो मारे गए लोगों के परिजनों को घटनास्थल पर जाने से रोक दिया गया। थ्येनआनमन चौराहे पर 1989 में लोकतंत्र के समर्थन में कई प्रदर्शनकारी मारे गए थे। हर साल जून में पीड़ितों के परिजनों को चुप रखने के लिए सरकार को मशक्कत करनी पड़ती है। अब कुछ लोग कहने लगे हैं कि सरकारी वायरस फैलाने के बाद इसी तरह की गलती कर रहा है।

फर्जी केस में फंसा हुआ गिरफ्तार

प्रोजेक्ट से जुड़े चेन मेई (जो लापता हैं) के भाई चेन कुन ने बताया कि उसके भाई के बारे में कोई जानकारी नहीं है। लेकिन इसी परियोजना से जुड़े एक अन्य लापता व्यक्ति चेई वेई के रिश्तेदार से पता चला कि चेई और उसकी प्रेमिका को झगड़ा करने और काम में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। सरकार असंतुष्टों के खिलाफ ऐसे ही फर्जी आरोप लगाती रही है।

आंकड़े सही नहीं, हकीकत छिपाने से बिगड़े हालात

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक वुहान में कोरोना से लगभग चार हजार लोगों की मौत हुई है। लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि सही आंकड़ा इससे कई गुना अधिक है। सरकार ने दो शीर्ष अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया, पर पीड़ितों के परिजन इसे नाकाफी मानते हैं। उनका कहना है, उन्हें नुकसान की भरपाई की जाए और दोषी अफसरों को सजा दी जाए।

झांग हेई को यकीन है, वुहान अस्पताल में सकारात्मक पिता की मौत फरवरी में ही हो गई थी। वह अब भी साम्यवादी पार्टी का समर्थन करते हैं, पर जाहिर तौर पर वायरस फैलाने के सच को छुपाने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

मैंने अपने भाई को पहले ही कहा था, आप लोग प्रोजेक्ट करते हुए जोखिम ले रहे हैं। लेकिन मुझे इतनी बड़ी क्षति का अनुमान नहीं था। मुझे बताया गया, पुलिस ने मेरे भाई को पूछताछ के लिए बुलाया होगा और प्रोजेक्ट से हट जाने को कहा होगा। मैंने सोचा भी नहीं था कि यह बात इतनी गंभीर हो जाएगी।

अधिकारियों की नेमी छिपाई

यांग कहते हैं कि देशभक्ति जगाने के लिए सरकार ने मृतकों को पीड़ित के बजाय शहीद दिखाने का प्रयास किया है। सेंसर ने अधिकारियों की टिपरों की नाकामी दिखाने वाली खबरें हटा दीं। वास्तव में यह कार्रवाई अधिकारवादी कम्युनिस्ट पार्टी के इस डर को दिखाती है कि यदि अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाता है तो सरकार की तरफ से पेश किया गया वह तथ्य झूठा साबित हो जाएगा कि केवल चीन के सत्तावादी तंत्र ने देश को विनाशकारी संकट से बचाया है।

एकतरफ दुनिया महामारी पर चीन से मुआवजे को लेकर आवाज उठाने लगी है, वहीं साम्यवादी पार्टी ने देश में बढ़ती नाराजगी को विदेशी प्रयोगशाला करार दिया है। सिचिंग में 2008 में आए भूकंप में 69 हजार लोग मारे गए थे। तब सरकार ने उन अभिभावकों का मुंह बंद रखने के लिए मोटी रकम की पेशकश की जिनके बच्चे मारे गए थे।

वेनज़ोउ में 2011 में भीषण ट्रेन दुर्घटना हुई तो मारे गए लोगों के परिजनों को घटनास्थल पर जाने से रोक दिया गया। थ्येनआनमन चौराहे पर 1989 में लोकतंत्र के समर्थन में कई प्रदर्शनकारी मारे गए थे। हर साल जून में पीड़ितों के परिजनों को चुप रखने के लिए सरकार को मशक्कत करनी पड़ती है। अब कुछ लोग कहने लगे हैं कि सरकारी वायरस फैलाने के बाद इसी तरह की गलती कर रहा है।

फर्जी केस में फंसा हुआ गिरफ्तार

प्रोजेक्ट से जुड़े चेन मेई (जो लापता हैं) के भाई चेन कुन ने बताया कि उसके भाई के बारे में कोई जानकारी नहीं है। लेकिन इसी परियोजना से जुड़े एक अन्य लापता व्यक्ति चेई वेई के रिश्तेदार से पता चला कि चेई और उसकी प्रेमिका को झगड़ा करने और काम में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। सरकार असंतुष्टों के खिलाफ ऐसे ही फर्जी आरोप लगाती रही है।

आंकड़े सही नहीं, हकीकत छिपाने से बिगड़े हालात

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक वुहान में कोरोना से लगभग चार हजार लोगों की मौत हुई है। लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि सही आंकड़ा इससे कई गुना अधिक है। सरकार ने दो शीर्ष अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया, पर पीड़ितों के परिजन इसे नाकाफी मानते हैं। उनका कहना है, उन्हें नुकसान की भरपाई की जाए और दोषी अफसरों को सजा दी जाए।

झांग हेई को यकीन है, वुहान अस्पताल में सकारात्मक पिता की मौत फरवरी में ही हो गई थी। वह अब भी साम्यवादी पार्टी का समर्थन करते हैं, पर जाहिर तौर पर वायरस फैलाने के सच को छुपाने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

मैंने अपने भाई को पहले ही कहा था, आप लोग प्रोजेक्ट करते हुए जोखिम ले रहे हैं। लेकिन मुझे इतनी बड़ी क्षति का अनुमान नहीं था। मुझे बताया गया, पुलिस ने मेरे भाई को पूछताछ के लिए बुलाया होगा और प्रोजेक्ट से हट जाने को कहा होगा। मैंने सोचा भी नहीं था कि यह बात इतनी गंभीर हो जाएगी।

अधिकारियों की नेमी छिपाई

यांग कहते हैं कि देशभक्ति जगाने के लिए सरकार ने मृतकों को पीड़ित के बजाय शहीद दिखाने का प्रयास किया है। सेंसर ने अधिकारियों की टिपरों की नाकामी दिखाने वाली खबरें हटा दीं। वास्तव में यह कार्रवाई अधिकारवादी कम्युनिस्ट पार्टी के इस डर को दिखाती है कि यदि अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाता है तो सरकार की तरफ से पेश किया गया वह तथ्य झूठा साबित हो जाएगा कि केवल चीन के सत्तावादी तंत्र ने देश को विनाशकारी संकट से बचाया है।





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