• दिनभर मेडिकल-ग्रेड का चेहरा पहनने में तब तक होता था, इसलिए कठिन फैसला लिया गया
  • संजीत सिंह सलूजा फिजिशियन हैं जबकि उनके भाई रंजीत सिंह न्यूरोसियरिंग हैं

दैनिक भास्कर

07 मई, 2020, 11:27 बजे IST

टोरंटो। कनाडा में दो सिखों की सिखों ने सेवा की मिसाल पेश की है। उन्होंने मरीजों के इलाज के लिए अपनी दाढ़ी तक कटवा दी। दरअसल, कोरोना के मरीजों के इलाज के दौरान उन्हें मेडिकल ग्रेड के चेहरे पहननेना जरूरी था। दाढ़ी के साथ पूरे दिन वर्क पहनना मुश्किल काम था। इसके चलते दोनों पुलिस वालों ने अपनी दाढ़ी ही कटवा दी।

सिख धर्म में दाढ़ी और सिर के बाल नहीं कटवाए जाते हैं। ऐसे में यह कठिन निर्णय लेना दोनों पुलिस के सेवा के जज्बे को दिखाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मातृभूमि निवासी फिजिशियन डॉ। संजीत सिंह सलूजा और उनके बहुचर्चित भाई डॉ। रंजीत सिंह मैक्गिल यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर (एमयूएचसी) में काम करते हैं। उन्होंने अपने धार्मिक सलाहकार, परिवार और दोस्तों से बातचीत के बाद दाढ़ी कटवाने का फैसला लिया।

वेबसाइट ने लिखा- दाढ़ी उनकी पहचान के लिए जरूरी थी
एमयूएचसी ने अपनी वेबसाइट पर लिखा, एच होते एक शिक्षण होते हुए उनकी दाढ़ी उनकी पहचान के लिए बहुत जरूरी थी, लेकिन इसके चलते उन्हें दिनभर पहने पहनने में परेशानी हो रही थी। काफी सोचने के बाद, उन्होंने अपनी दाढ़ी कटवाने का कठिन फैसला लिया। ”

डॉ। सिंह ने कहा- काम न करना हमारी शपथ के खिलाफ है

डॉ.संजीत सिंह ने एमयूएचसी की वेबसाइट पर एक वीडियो पोस्ट भी किया है। उन्होंने कहा,, ‘हम काम छोड़ भी सकते थे, लेकिन ऐसे समय में जब स्वास्थ्यकर्मी बीमार पड़ रहे हैं। तो हम बोझ बढ़ाना नहीं चाहते थे। काम न करना डॉ के रूप में हमारी शपथ के खिलाफ और सेवा के सिद्धांतों के खिलाफ है। ”

इना देखता हूं तो झटका लगता है- डॉ। सिंह
मातृभूमि यार्डट की खबर के मुताबिक, डॉ। संजीत सिंह सलूजा ने बताया, ‘मुझे इस फैसले ने मुझे बहुत उदास कर दिया। यह मेरी पहचान का हिस्सा था। जब सुबह उठकर मैं आईना देखता हूं तो मुझे झटका सा लगता है। मुझे बहुत अलग महसूस होता है। ” उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बहुत कठिन निर्णय था, लेकिन हमने जो जरूरी समझा वह किया।





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