• कंपनी ने पिछले फाइनेंशिल ईयर में 16.7% की वृद्धि के साथ 75 करोड़ रुपए का रेवेन्यू दर्ज किया है
  • कंपनी के 10% कर्मचारी कार्यालय से काम कर रहे हैं, जबकि 90 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं

दैनिक भास्कर

07 मई, 2020, शाम 06:10 बजे IST

नोएडा। नोवल कोरनवायरस का असर देश की सभी कंपनियों पर हुआ है। जिसके कारण कई कंपनियों के कर्मचारियों की संख्या कम करने में लगी हैं। दूसरी ओर, हिंदुस्तान कम्प्यूटर लिमिटेड (HCL) वित्त वर्ष 2015 की योजना के अनुसार इस वर्ष 15,000 फ्रेशर्स को जॉब करेगा, लेकिन इस प्रक्रिया की गति धीमी होगी। कंपनी के इस फैसले का आईटी से जुड़ी दूसरी बड़ी कंपनियों ने सम्मान किया है।

लोअर एट्रिशन के नेतृत्व में पुनरावृत्ति की जरूरत नहीं है: सीएफओ
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (सीएफओ) प्रतीक अग्रवाल ने कहा, “कई कारणों के कारण इस बार हायरिंग की प्रक्रियाओं में धीमी गति रहेगी। काम भी कम रहने वाला है। इसलिए हायरिंग कम हो जाएगी। इसके अलावा, मौजूदा कर्मचारी। की उपयोगिता में सुधार और कर्मचारियों की संख्या में कमी पर ध्यान देना है। साल-दर-साल के आधार पर वित्त वर्ष 20 में कंपनी का एट्रिशन 17.7 प्रतिशत से गिरी कर 16.3 प्रतिशत पर आ गया है। लोअर एट्रिशन का मतलब है कि रिप्लेसमेंट रोल्स को भरने की जरूरत कम हो गई है। “

एचसीएल टेक के चीफ ह्यूसमैन रिसोर्स ऑफिसर अप्पाराव वीवी ने बताया कि हायरिंग प्रक्रिया में सुस्ती की वजह खाता भी है। कंपनी ने 31 मार्च के अंत तक लगभग 150,423 लोगों को रोजगार दिया।

सैलेरी बढ़ाने और प्रमोशन पर फैसला जुलाई में: सीएफओ
प्रतीक अग्रवाल ने कहा, “इस बार हम उन ओवर्स का सम्मान करना चाहते हैं जो हमने पहले ही लोगों के लिए कर रहे हैं।” फ्रेशर्स के ऑन-बोर्डिंग में कोई देरी नहीं है, लेकिन अभी भी उन लोगों का ध्यान है जो स्वयं के लैपटॉप और डिवाइसेज के साथ आ रहे हैं, इसलिए वे तुरंत काम शुरू कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा, “कर्मचारियों की सैलेरी में वृद्धि और प्रमोशन में फैसला आने वाली तिमाही में लिया जाएगा। अभी तक हमारे पास जुलाई साइकिल है, हम अभी भी इस बारे में कोई कॉल नहीं ले रहे हैं।”

पिछले फाइनेंशिल ईयर में 16.7% की वृद्धि
एचसीएल टेक ने 31 मार्च को खत्म हुए साल के फाइनेंशिल ईयर में 16.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 9.936 मिलियन डॉलर (लगभग 75 करोड़ रुपये) का रेवेन्यू दर्ज किया है। प्रबंधन के मुताबिक इन 16.5-17 प्रतिशत की वृद्धि है, जो अच्छी बात है। हालांकि, कंपनी ने वित्त वर्ष 21 के रे एवेन्यू को लेकर किसी तरह का गाइडेंस जारी नहीं किया है। कोरोनवायरस के कारण मांग में कमी आने के कारण अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।

जारी रहेगा वर्क फ्रॉम होम का कल्चर
कंपनी के 90 प्रति कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। वहीं, 10 प्रतिशत कर्मचारी इस क्वार्टर से काम के लिए कार्यालय आ रहे हैं। लॉकडाउन हटने के बाद कंपनी वर्क फ्रॉम होम के कल्चर को 50-50 रेशियो में जारी कर सकती है। कंपनी इस निर्णय को गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार ले सकती है, जिसमें आईटी / आईटीईएस कंपनियों को 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ कार्यालय में काम करना है। इस फैसले के पीछे की वजह सोशल डिस्टेंसिंग है।

पहले क्वार्टर में कोरोना का प्रभाव रहेगा
कंपनी को इस बात की उम्मीद है कि कोरोनावायरस के कारण पहले क्वार्टर (Q1) प्रभावित होगा। उसके ऊपर कीमत का मूल्य, छूट और पेमेंट एक्सटेंशन भी रहेगा। इसके बारे में अग्रवाल ने कहा कि कुछ ग्राहक को विभाजित -19 से प्रभावित हैं, कुछ अपने खर्च में कटौती कर रहे हैं, तो कुछ वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि कुछ रिक्वायरमेंट्स विनियमन को लेकर हो सकते हैं, लेकिन ज्यादातर के साथ ऐसा नहीं होगा।





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