• कोरोना महामारी के कारण क्रूड ऑयल की दुकानों गिरने के कारण कंपनी का फैसला
  • कर्ज चुकाने के लिए कई उपायों को अपना होने का वेदांता लिमिटेड है

दैनिक भास्कर

07 मई, 2020, 08:38 पूर्वाह्न IST

नई दिल्ली। बिजनेस टाइकून अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली कंपनी वेदांता लिमिटेड अपनी भारतीय तेल इकाई के अयर्न अयल और गैस कारोबार में से लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा बेच सकती है। इस मामले से वाकिफ सूत्रों के मुताबिक कोरोना महामारी के कारण क्रूड की कीमतों में आई भारी गिरावट को देखते हुए कंपनी ने यह किया है।

1 बिलियन डॉलर की प्रोत्साहन योजना
सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वेदांता खुद कर्ज चुकाने के लिए केयर्न और गैस कारोबार में से अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। वेदांता ने इस संभावित बिक्री से 1 बिलियन डॉलर लगभग 7.5 हजार करोड़ रुपए बढ़ाने की योजना बनाई है। नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर एक सूत्र ने बताया कि गैस की कीमतों में कमी और कोरोना महामारी ने संभावित निवेशकों का केयर्न के प्रति व्यापारिक दृष्टिकोण को कठिन बना दिया है।

कर्ज चुकाने के लिए कई उपाय तलाश रही वेदांता
सूत्रों का कहना है कि आंतरिक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आने के केयर्न में भाग बेचने की बातचीत को रोका जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक वेदांता लिमिटेड अपना कर्ज चुकाने के लिए कई अन्य उपाय भी तलाश रही है। हालांकि, वेदांता लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने इस संभावित भाग की बिक्री पर प्रतिक्रिया से इनकार कर दिया। वेदांता के प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रुप की स्थिति काफी अच्छी है और सप्लाई चेन की अस्थायी बाधा दूर करने के लिए कंपनी के पास पर्याप्त लिक्विडिटी उपलब्ध है।

देश की बड़ी तेल उत्पादक कंपनी केयर्न है
केयर्न देश की बड़ी तेल एवं गैस उत्पादक कंपनियों में शुमार है। केयर्न की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार देश के घरेलू कच्चे तेल के उत्पादन में कंपनी की करीब 25 फीसदी हिस्सेदारी है। देश के 58 तेल ब्लॉक्स में कंपनी की भागीदारी है। केयर्न अयल एंड गैस लिमिटेड वेदांता ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है। वेदांता लिमिटेड का मुख्यालय लंदन में है और वह भारत में कई व्यवसायों में संलग्न है।





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